न ढोल-नगाड़े, न हार-फूल... जींस-टीशर्ट में युवाओं के बीच कांग्रेस, राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ के लिए बदला प्रचार अंदाज
इंदौर में राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने प्रचार का तरीका बदल दिया है। इस बार पार्टी पारंपरिक राजनीतिक आयोजनों की तरह बड़े मंच, ढोल-नगाड़े और नेताओं के स्वागत में हार-फूल की व्यवस्था के बजाय सीधे छात्रों और युवाओं के बीच पहुंचने पर जोर दे रही है। कार्यक्रम के प्रचार के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता जींस-टीशर्ट में युवाओं के बीच पहुंच रहे हैं और अलग अंदाज में लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस के इस अभियान में प्रचार के पारंपरिक तरीकों से अलग रचनात्मक गतिविधियों को जगह दी गई है। युवाओं तक संदेश पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक, गिटार, गीत और डांस का सहारा लिया जा रहा है। कार्यकर्ता सार्वजनिक स्थानों और छात्र क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यक्रम की जानकारी दे रहे हैं। इसके जरिए कांग्रेस का प्रयास है कि युवाओं के बीच सीधे संवाद कायम किया जाए और उन्हें 19 सितंबर के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाए।
कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस संगठन ने अलग-अलग स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यकर्ताओं को युवाओं और छात्रों के बीच संपर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रचार के दौरान किसी बड़े राजनीतिक मंच या औपचारिक स्वागत की बजाय सामान्य माहौल में युवाओं से बातचीत की जा रही है। इससे प्रचार अभियान को पारंपरिक राजनीतिक कार्यक्रमों से अलग रूप देने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी प्रचार पर जोर
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया के जरिए भी प्रचार किया जा रहा है। युवा कार्यकर्ता कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी वीडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों से साझा कर रहे हैं। नुक्कड़ नाटक और संगीत जैसी गतिविधियों के वीडियो भी लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं का फोकस खास तौर पर युवा वर्ग तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने पर है।
राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस कार्यकर्ता छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं और मुद्दों को समझने का प्रयास भी कर रहे हैं। कार्यक्रम से पहले शहर में चल रहे प्रचार अभियान में युवाओं की भागीदारी दिखाई दे रही है।
कांग्रेस के प्रचार अभियान का यह नया अंदाज इंदौर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले नेताओं के स्वागत, पोस्टर, बैनर और मंचों के जरिए माहौल तैयार किया जाता है। इस बार कांग्रेस ने इससे अलग छात्रों के बीच जाकर संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रचार का माध्यम बनाया है। 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी और कार्यक्रम का स्वरूप क्या रहता है, इस पर अब सबकी नजर रहेगी।

