Samachar Nama
×

भोपाल में ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता ने पूर्व जिला जज पर गंभीर आरोप लगाए

भोपाल में ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता ने पूर्व जिला जज पर गंभीर आरोप लगाए

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आया है। ट्विशा के पिता ने हाल ही में 46 नंबरों की लिस्ट जारी की है, जिसमें उन्होंने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्विशा के पिता का दावा है कि ट्विशा की मौत के अगले दिन जज ने CCTV मैकेनिकों और अन्य जजों को फोन किया था।

परिवार की मांगें और सरकारी कार्रवाई
ट्विशा के परिजनों ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच और राज्यपाल से गिरिबाला सिंह को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विशा की मौत की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई है।

इस बीच, ट्विशा के फरार पति समर्थ शर्मा के खिलाफ पुलिस ने इनाम राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है। समर्थ शर्मा की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस और राज्य स्तरीय टीम सक्रिय हैं, लेकिन अभी तक उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।

कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग खारिज की
ट्विशा के परिजनों की तरफ से की गई दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस समय पोस्टमार्टम के आदेश देने का कोई वैध कारण नहीं है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम के माध्यम से मौत की वास्तविक वजह और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का पता लगाया जा सकता है।

परिवार की प्रतिक्रिया
ट्विशा के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम न्याय चाहते हैं। हमारी बेटी की मौत में कई सवाल हैं, जिनका जवाब प्रशासन और न्यायपालिका को देना चाहिए। हम किसी भी कीमत पर सच्चाई तक पहुंचेंगे।”

परिवार का आरोप है कि ट्विशा की मौत को सुसाइड बताकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सच्चाई के कई प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग इस आधार पर की है कि केवल केंद्रीय जांच एजेंसी ही मामले में निष्पक्षता सुनिश्चित कर सकती है।

विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों की राय
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले में पूर्व जज और न्यायिक अधिकारियों पर आरोप लगना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय जांच के लिए सीबीआई से जांच की मांग करना परिवार का संवैधानिक अधिकार है।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि फरार आरोपी की खोज और उसके खिलाफ इनाम बढ़ाना पुलिस के प्रयासों को तेज करने का एक कदम है। हालांकि, पोस्टमार्टम के आदेश न होने से मामले की जांच में कई पहलुओं की पुष्टि करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

Share this story

Tags