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भोपाल ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता के 46 नंबरों के दावे से बढ़ी जांच की जटिलता, CBI जांच की मांग तेज

भोपाल ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता के 46 नंबरों के दावे से बढ़ी जांच की जटिलता, CBI जांच की मांग तेज

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा सुसाइड केस ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। मामले में मृतका के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की दिशा पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

पिता का बड़ा दावा: 46 नंबरों की लिस्ट सामने आई
ट्विशा के पिता ने दावा किया है कि उनके पास 46 फोन नंबरों की एक सूची है, जिसके आधार पर उन्होंने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि ट्विशा की मौत के अगले दिन इन नंबरों के जरिए जजों और CCTV मैकेनिकों को कॉल किए गए थे, जिससे मामले में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है।

परिजनों ने इसे जांच को प्रभावित करने की कोशिश बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

CBI जांच और पद से हटाने की मांग
मृतका के परिवार ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है। साथ ही राज्यपाल से अपील की गई है कि पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को उनके पद से हटाया जाए, ताकि जांच पर किसी तरह का प्रभाव न पड़े।

परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में स्वतंत्र जांच जरूरी है।

फरार पति समर्थ पर इनाम बढ़ा
इस मामले में एक अन्य बड़ा अपडेट यह है कि मृतका के फरार पति समर्थ पर पुलिस ने इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

कोर्ट का फैसला: दोबारा पोस्टमार्टम की मांग खारिज
इधर, कोर्ट ने परिजनों की दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने मौजूदा मेडिकल रिपोर्ट को पर्याप्त मानते हुए आगे की जांच मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं।

जांच पर बढ़ा दबाव
लगातार सामने आ रहे नए दावों और आरोपों के बीच जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

निष्कर्ष

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