इंदौर में नगर सुरक्षा समिति सदस्य से मारपीट मामले में नया मोड़: गिरफ्तार लॉ स्टूडेंट और साथियों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर सुरक्षा समिति के सदस्य से मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए लॉ स्टूडेंट और उसके दो साथियों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तीनों युवकों को पुलिस ने शराब के नशे में गश्त कर रहे नगर सुरक्षा समिति के सदस्य से विवाद और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया था।
जानकारी के अनुसार, मामला इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र का है। यहां नगर सुरक्षा समिति का एक सदस्य क्षेत्र में गश्त कर रहा था। इसी दौरान लॉ स्टूडेंट और उसके दो साथियों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद युवकों ने उसके साथ मारपीट की। घटना की शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की और उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया गया। हालांकि अब जेल से बाहर आने के बाद युवकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
लॉ स्टूडेंट और उसके साथियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया और मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पक्ष को सही तरीके से नहीं सुना गया। युवकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, नगर सुरक्षा समिति के सदस्य के साथ विवाद और मारपीट की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच के बाद ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि गिरफ्तार युवकों द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य सामने आता है तो उसकी जांच की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य निष्पक्ष कार्रवाई करना है और किसी भी पक्ष के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक ओर जहां नगर सुरक्षा समिति के सदस्य से मारपीट का आरोप है, वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार युवकों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इंदौर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें।

