बलरामपुर में धार्मिक जुलूस और शोभायात्राओं के लिए नई SOP लागू, ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा पर जोर
बलरामपुर में धार्मिक पर्व, जुलूस और शोभायात्राओं के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने नई मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP लागू की है। प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आस्था और परंपराओं को बनाए रखते हुए आयोजनों के दौरान ध्वनि प्रदूषण, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
नई SOP के तहत धार्मिक आयोजनों को निर्धारित नियमों के अनुसार आयोजित करना होगा। आयोजकों को कार्यक्रम से पहले आवश्यक अनुमति और संबंधित विभागों से समन्वय करना होगा। प्रशासन की ओर से आयोजन स्थल, जुलूस के मार्ग और भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर भी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित मानकों का उल्लंघन न हो। जुलूस और शोभायात्राओं में ध्वनि की तीव्रता और समय सीमा का ध्यान रखना होगा।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आयोजकों को निर्धारित मार्ग का पालन करना होगा। जुलूस के दौरान सड़क पर यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाएं करेंगे। भीड़ अधिक होने की स्थिति में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जा सकते हैं।
प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है। इसके साथ ही आम लोगों को यातायात और ध्वनि प्रदूषण से होने वाली परेशानी से बचाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने आयोजकों से नई SOP का पालन करने और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की है। नियमों के अनुसार आयोजन होने से धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

