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इंदौर में साइबर ठगी का नया तरीका: दोस्त बनकर किया फोन, मां के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही; डॉक्टर बनकर भी मांगे रुपए

इंदौर में साइबर ठगी का नया तरीका: दोस्त बनकर किया फोन, मां के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही; डॉक्टर बनकर भी मांगे रुपए

इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। जालसाज ने पहले खुद को पीड़ित का दोस्त धर्मेंद्र जाट बताकर फोन किया और कहा कि उसकी मां की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें CHL अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद आरोपी ने डॉक्टर बनकर दूसरे मोबाइल नंबर से पीड़ित से संपर्क किया और इलाज के नाम पर रुपए की मांग की।

अचानक आई इस कॉल से पीड़ित घबरा गया और आरोपी की बातों पर भरोसा कर लिया। जालसाज ने बातचीत के दौरान ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को लगा कि वास्तव में उसकी मां अस्पताल में भर्ती हैं और तत्काल इलाज के लिए पैसों की जरूरत है।

पहले दोस्त बनकर किया फोन

बताया जा रहा है कि आरोपी ने पीड़ित को फोन कर खुद को उसका दोस्त धर्मेंद्र जाट बताया। उसने कहा कि पीड़ित की मां को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने के बाद CHL अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मां की तबीयत खराब होने की बात सुनकर पीड़ित चिंतित हो गया। इसी बीच आरोपी ने इलाज के लिए तत्काल रुपए की जरूरत बताई।

डॉक्टर बनकर दूसरे नंबर से किया कॉल

ठगी की साजिश को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने कुछ समय बाद दूसरे नंबर से पीड़ित को फोन किया। इस बार उसने खुद को अस्पताल का डॉक्टर बताया। आरोपी ने इलाज और अस्पताल के खर्च के नाम पर पीड़ित से रुपए मांगे।

जालसाज ने कथित तौर पर पीड़ित पर जल्द भुगतान करने का दबाव बनाया, जिससे उसे ज्यादा सोचने-समझने का मौका नहीं मिला।

साइबर ठगी की जांच शुरू

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और पैसे के लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पीड़ित की निजी जानकारी कहां से हासिल की।

पुलिस का मानना है कि साइबर ठग लोगों को डर और जल्दबाजी में डालकर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। ऐसे मामलों में किसी परिचित के नाम से फोन आने पर भी बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर नहीं करने की सलाह दी जाती है।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अस्पताल में भर्ती होने, दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति के नाम पर फोन आने पर पहले संबंधित व्यक्ति और अस्पताल से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, बैंक संबंधी जानकारी या रुपए ट्रांसफर न करें।

परदेशीपुरा इलाके में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर साइबर ठगों के नए तरीकों को उजागर किया है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

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