नर्मदा उफान पर, फिर भी रेत खनन जारी: भैरूंदा में प्रशासन की चेतावनी बेअसर, हादसे का बढ़ा खतरा
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन लगातार लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील कर रहा है। इसके बावजूद भैरूंदा तहसील में नर्मदा किनारे रेत खनन करने वालों पर प्रशासन की चेतावनियों का असर दिखाई नहीं दे रहा है।
बारिश के कारण नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से नदी के आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। तेज बहाव के बीच नदी में उतरना या उसके आसपास काम करना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और नदी के नजदीक नहीं जाने की हिदायत दी गई है। इसके बावजूद रेत खनन गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आ रही है।
बढ़ते जलस्तर के बीच रेत खनन
भैरूंदा तहसील में नर्मदा का जलस्तर बढ़ने के बावजूद रेत खनन किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश के मौसम में नदी का बहाव अचानक तेज हो सकता है। ऐसे में रेत निकालने के लिए नदी के आसपास पहुंचने वाले मजदूरों और वाहनों के लिए खतरा बना हुआ है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि नदी की स्थिति सामान्य नहीं है और लगातार बारिश के कारण जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। ऐसे समय में रेत खनन पर रोक या सख्त निगरानी जरूरी है।
प्रशासन लगातार कर रहा अपील
भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। नदी, नाले और अन्य जलस्रोतों के तेज बहाव वाले हिस्सों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान नदी का जलस्तर कभी भी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम उठाना खतरनाक हो सकता है। खासकर रेत खनन जैसे कामों में लगे लोगों को नदी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
निगरानी और कार्रवाई की जरूरत
नर्मदा का जलस्तर बढ़ने के बावजूद रेत खनन जारी रहने की शिकायतों के बीच अब प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि नदी किनारे रेत खनन गतिविधियों की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फिलहाल भारी बारिश के बीच नर्मदा का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनी के बावजूद नदी के आसपास रेत खनन जारी रहना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके पर निगरानी बढ़ाएं और किसी संभावित हादसे से पहले आवश्यक कदम उठाएं।

