Samachar Nama
×

मध्यप्रदेश में बनेंगे ‘नर्मदा लोक’, ‘सरस्वती लोक’ और विशाल पुरातत्व संग्रहालय, सीएम मोहन यादव के सामने पेश होगी रूपरेखा

मध्यप्रदेश में बनेंगे ‘नर्मदा लोक’, ‘सरस्वती लोक’ और विशाल पुरातत्व संग्रहालय, सीएम मोहन यादव के सामने पेश होगी रूपरेखा

मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नए स्वरूप में संरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार अमरकंटक में ‘नर्मदा लोक’, धार में ‘सरस्वती लोक’ और सांची में बिखरे पड़े पुरातात्विक अवशेषों को एक स्थान पर संग्रहित कर एक विशाल संग्रहालय (म्यूजियम) विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

संस्कृति विभाग गुरुवार को इन तीनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रारंभिक रूपरेखा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत करेगा। बैठक में प्रस्तावित परियोजनाओं की अवधारणा, संभावित स्वरूप और उनके क्रियान्वयन की दिशा पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके साथ ही संस्कृति विभाग के कार्यों और चल रही योजनाओं की समीक्षा भी मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी।

प्रस्तावित नर्मदा लोक का उद्देश्य मां नर्मदा से जुड़ी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को एक भव्य स्वरूप में प्रस्तुत करना है। वहीं सरस्वती लोक के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े पहलुओं को प्रदर्शित करने की योजना है।

इसके अलावा सांची में विभिन्न स्थानों पर बिखरे पड़े पुरातात्विक अवशेषों को एकीकृत कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल संग्रहालय विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे दुर्लभ धरोहरों का बेहतर संरक्षण होने के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और शोधार्थियों को भी एक ही स्थान पर ऐतिहासिक सामग्री देखने का अवसर मिलेगा।

संस्कृति विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के साकार होने से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और विरासत संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में इन परियोजनाओं के वित्तीय प्रावधान, निर्माण की रूपरेखा और समय-सीमा पर भी विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि इससे पर्यटन, शोध और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।

Share this story

Tags