एमपी की ‘कॉफी वैली’ बनेगा कुकरू, चिखलदरा-मुक्तागिरी और मेलघाट मिलाकर तैयार होगा टूरिज्म सर्किट
मध्य प्रदेश का कुकरू क्षेत्र जल्द ही राज्य की नई ‘कॉफी वैली’ के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार की योजना के तहत इस पूरे क्षेत्र को पर्यटन और कॉफी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है।
इसके साथ ही चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़कर एक समग्र टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
इस प्रस्तावित सर्किट के जरिए प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थल और कॉफी उत्पादन क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने की योजना है। इससे न सिर्फ पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
कॉफी उत्पादन को मिलेगी नई पहचान
कुकरू क्षेत्र की जलवायु कॉफी की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। ऐसे में इसे ‘कॉफी वैली’ के रूप में विकसित कर किसानों और उत्पादकों को बेहतर बाजार और ब्रांडिंग देने की तैयारी है।
बुनियादी ढांचे पर भी होगा विकास
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क, ठहरने की सुविधा और अन्य आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की योजना है। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी और कुकरू को एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर सकती है।

