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MP के व्यापारी ने बनाया माही नदी में कूदकर किया सुसाइड, वीडियो में बोला - कर्जा हो गया, रोज पैसों के लिए मशक्कत करनी पड़ती है

कर्ज से परेशान-व्यापारी बेटे को वीडियो भेज नदी में कूदा

कर्ज के भारी दबाव से परेशान मध्यप्रदेश के एक व्यापारी ने राजस्थान में माही नदी में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। आत्मघाती कदम उठाने से पहले व्यापारी ने एक भावुक वीडियो बनाया और अपने बेटे को भेज दिया। वीडियो सामने आने के बाद परिजन और पुलिस में हड़कंप मच गया। बेटे की सतर्कता और पुलिस की तत्परता से समय रहते व्यापारी की जान बचा ली गई। फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, व्यापारी मध्यप्रदेश का रहने वाला है और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि लंबे समय से उस पर भारी कर्ज था, जिससे वह मानसिक तनाव में चल रहा था। इसी तनाव के चलते वह राजस्थान पहुंचा और माही नदी में छलांग लगा दी। इससे पहले उसने अपने बेटे को एक वीडियो संदेश भेजा, जिसमें उसने अपनी आर्थिक तंगी और मजबूरी का जिक्र किया।

वीडियो में व्यापारी ने बेहद भावुक शब्दों में अपने बेटे से कहा,
“बेटा, मैं बहुत दूर चला जाऊंगा। प्रॉपर्टी में बहुत कर्जा हो गया है। अपनी मम्मी का ध्यान रखना। अब एडजस्टमेंट नहीं हो पा रहा है। रोजाना एक से दो हजार रुपये के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। मकान बेचकर मम्मी के गहने छुड़वा लेना बेटा। अब मेरे को ढूंढना मत। मेरे करम खराब थे, इसलिए मजबूरी में जाना पड़ रहा है। मेरी इच्छा नहीं थी जाने की।”

यह वीडियो देखते ही बेटे के होश उड़ गए। उसने बिना देर किए स्थानीय पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने तुरंत राजस्थान पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी साझा की। सूचना मिलते ही राजस्थान पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और माही नदी के आसपास सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

घटना के समय इलाके में घना कोहरा और कड़ाके की सर्दी थी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं। इसके बावजूद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने करीब एक घंटे तक लगातार तलाश अभियान चलाया। आखिरकार व्यापारी नदी के बीच में बेसुध हालत में पड़ा मिला। उसे तुरंत बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों के अनुसार, व्यापारी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि वह काफी कमजोर है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि व्यापारी लंबे समय से आर्थिक तंगी और कर्ज के कारण मानसिक तनाव में था।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आर्थिक दबाव किस तरह लोगों को मानसिक रूप से तोड़ देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कर्ज या आर्थिक संकट की स्थिति में व्यक्ति को अकेले निर्णय लेने के बजाय परिवार, दोस्तों या काउंसलर से बात करनी चाहिए।

पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की मानसिक परेशानी या आत्मघाती विचार आने पर तुरंत मदद लें और ऐसी स्थिति में कानून व्यवस्था तथा परिजनों को सूचित करें। समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।

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