मुरैना के गुलपुरा में बारिश और जलभराव से आधा दर्जन से ज्यादा मकान धराशायी, 10 वर्षीय बच्ची घायल
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में लगातार बारिश के बीच जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुलपुरा गांव में बारिश और पानी भरने के कारण आधा दर्जन से अधिक मकान धराशायी हो गए। अचानक मकान गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक 10 वर्षीय बच्ची घायल हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव के लिए प्रयास शुरू किए।
बताया जा रहा है कि गुलपुरा गांव में पिछले कुछ समय से बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी जमा हो गया। जलभराव की वजह से मकानों की नींव और दीवारों पर भी असर पड़ा। इसी दौरान कई मकान अचानक ढह गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।
हादसे के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची भी घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने उसे मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। बच्ची को चोटें आई हैं और उसका उपचार कराया जा रहा है। घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के कारण गांव में कई जगह पानी भर गया है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से पानी लंबे समय तक जमा रहने की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण कच्चे और कमजोर मकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कुछ घरों की दीवारों में पहले से दरारें थीं, जिन पर लगातार बारिश का दबाव बढ़ता गया।
मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। कई परिवारों का घरेलू सामान मलबे में दब गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और सुरक्षित स्थान पर रहने की व्यवस्था करने की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमले के मौके पर पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारियों की ओर से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराया जा सकता है, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके। इसके आधार पर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहा तो कमजोर मकानों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
मुरैना जिले में बारिश के कारण जलभराव और मकानों के नुकसान की घटनाएं सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुलपुरा में हुए हादसे ने भी यह सवाल खड़ा किया है कि लगातार बारिश के दौरान कमजोर और जर्जर मकानों में रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर कितनी तैयारी है। फिलहाल घायल बच्ची का इलाज जारी है और प्रभावित परिवार प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

