ASI, डॉक्टर और साध्वी समेत 50 से ज्यादा महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाने का आरोप: सोशल मीडिया पर दोस्ती कर स्क्रीन रिकॉर्डर से करता था रिकॉर्डिंग
सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से दोस्ती कर उनके निजी वीडियो रिकॉर्ड करने का मामला सामने आया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने ASI, डॉक्टर, साध्वी समेत 50 से ज्यादा महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाए। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए महिलाओं से संपर्क करता था। बातचीत बढ़ने के बाद वह उन्हें वीडियो कॉल के लिए तैयार करता और कथित तौर पर स्क्रीन रिकॉर्डर ऐप की मदद से वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच में आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट से कई महिलाओं से संपर्क और बातचीत से जुड़ी जानकारी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने वीडियो रिकॉर्ड किए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया।
सोशल मीडिया के जरिए बनाता था संपर्क
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया पर महिलाओं को संपर्क करता था। बातचीत के दौरान वह धीरे-धीरे उनसे दोस्ती बढ़ाता था। इसके बाद निजी बातचीत को वीडियो कॉल तक ले जाने की कोशिश करता था।
आरोप है कि वीडियो कॉल के दौरान आरोपी बिना जानकारी दिए स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेता था। इसके लिए वह स्क्रीन रिकॉर्डर ऐप का इस्तेमाल करता था। इस तरह रिकॉर्ड किए गए वीडियो को आरोपी ने अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रखा था।
50 से ज्यादा महिलाओं के संपर्क में होने का दावा
मामले की जांच के दौरान 50 से ज्यादा महिलाओं से आरोपी के संपर्क में होने की जानकारी सामने आने का दावा किया जा रहा है। इनमें अलग-अलग पेशे से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं। बताया गया है कि कुछ महिलाएं पुलिस विभाग, चिकित्सा क्षेत्र और धार्मिक क्षेत्र से जुड़ी थीं।
पुलिस अब सभी संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने महिलाओं के वीडियो कब और कैसे रिकॉर्ड किए। साथ ही जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किए गए थे या नहीं।
मोबाइल और सोशल मीडिया की जांच
मामले में आरोपी के मोबाइल फोन को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस डिवाइस में मौजूद वीडियो, चैट, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। डिजिटल जांच के जरिए आरोपी के संपर्क में रही महिलाओं और उसके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर कितने फर्जी या अलग-अलग प्रोफाइल का इस्तेमाल किया। उसके मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में सामने आए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने और संबंधित महिलाओं के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी ने कितने वीडियो बनाए और इस मामले में उसके खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

