Samachar Nama
×

मुरैना में कमजोर पड़ा मानसून: पिछले साल के मुकाबले आधी से भी कम बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता

मुरैना में कमजोर पड़ा मानसून: पिछले साल के मुकाबले आधी से भी कम बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में इस बार मानसून की रफ्तार कमजोर बनी हुई है। बारिश के आंकड़ों ने पिछले साल की तुलना में बड़ा अंतर दिखाया है। 1 जून से 24 अगस्त तक जिले में औसतन 358.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 800.8 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। यानी इस बार अब तक जिले में पिछले साल की तुलना में करीब 442.5 मिलीमीटर कम बारिश हुई है।

बारिश की कमी का असर खेती और जल स्रोतों पर भी दिखाई देने लगा है। किसानों को खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने की चिंता सताने लगी है। हालांकि, अभी मानसून का समय बाकी है, इसलिए किसानों और प्रशासन को आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद बनी हुई है।

पिछले साल के मुकाबले कमजोर रहा मानसून

मौसम विभाग और जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, इस साल मानसून की शुरुआत के बाद से बारिश का सिलसिला उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कई बार बादल छाने के बावजूद जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी।

पिछले साल जहां अगस्त के अंत तक अच्छी बारिश हो चुकी थी, वहीं इस बार बारिश का आंकड़ा काफी पीछे चल रहा है। इससे जिले में सामान्य मानसूनी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

किसानों की बढ़ी चिंता

मुरैना जिले में बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। खरीफ सीजन में धान, बाजरा, सोयाबीन और अन्य फसलों के लिए बारिश का पानी बेहद महत्वपूर्ण होता है। कम बारिश के कारण खेतों में नमी की कमी और सिंचाई की जरूरत बढ़ गई है।

किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी है, जहां सिंचाई के सीमित साधन उपलब्ध हैं।

जल स्रोतों पर भी असर

कम बारिश का प्रभाव जिले के तालाबों, बांधों और अन्य जल स्रोतों पर भी पड़ सकता है। मानसून के दौरान पर्याप्त जलभराव नहीं होने से आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लेकर चुनौती बढ़ सकती है।

प्रशासन भी बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर जल प्रबंधन की योजना तैयार करने की बात कही जा रही है।

अभी भी अच्छी बारिश की उम्मीद

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के अंतिम दौर में कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना रहती है। ऐसे में मुरैना जिले में भी आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद बनी हुई है।

फिलहाल जिले में बारिश की कमी किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम बारिश होने के कारण अब सभी की नजरें मानसून की आगामी गतिविधियों पर टिकी हैं।

Share this story

Tags