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उज्जैन में युवा धर्म संसद को मोहन भागवत ने किया संबोधित, धर्म-पर्यावरण और युवाओं के आचरण पर रखी बात

उज्जैन में युवा धर्म संसद को मोहन भागवत ने किया संबोधित, धर्म-पर्यावरण और युवाओं के आचरण पर रखी बात

उज्जैन में शुक्रवार को आयोजित युवा धर्म संसद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने युवाओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में देशभर से करीब 1700 युवा शामिल हो रहे हैं। अपने संबोधन में भागवत ने धर्म, पर्यावरण और युवाओं के आचरण से जुड़े विषयों पर विचार रखे। उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान का नाम लिए बिना भारत के प्रति उसके रवैये का भी उल्लेख किया।

धर्म को लेकर युवाओं से की बात

मोहन भागवत ने धर्म के व्यापक स्वरूप और उसके सामाजिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं से धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित न रखने और जीवन में उसके मूल्यों को अपनाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्ति के आचरण और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों से भी जुड़ा है। युवा पीढ़ी के लिए धर्म के मूल सिद्धांतों को समझना और उन्हें व्यवहार में उतारना जरूरी है।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

युवा धर्म संसद में पर्यावरण का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहा। भागवत ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी समझने और प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे युवाओं की भागीदारी के बीच पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

युवाओं के आचरण पर भी चर्चा

भागवत ने युवाओं के व्यक्तिगत आचरण और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।

उनका संबोधन ऐसे समय में हुआ है, जब उज्जैन में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। युवा धर्म संसद में युवाओं को धर्म और सामाजिक विषयों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पाकिस्तान का नाम लिए बिना भारत के प्रति रवैये का जिक्र

अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने पाकिस्तान का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन पड़ोसी देश के भारत के प्रति रवैये का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों से जुड़े विषय को अपने विचारों में शामिल किया, हालांकि उनके संबोधन का बड़ा हिस्सा धर्म, पर्यावरण और युवाओं की भूमिका पर केंद्रित रहा।

युवा धर्म संसद में देशभर से आए करीब 1700 युवा हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के दौरान धर्म, संस्कृति, पर्यावरण और राष्ट्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जा रही है।

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