बाजरा और उड़द की खेती हुई महंगी: लागत में 53% तक बढ़ोतरी, MSP में 34% तक इजाफा; चना किसानों को सिर्फ 12% राहत
खेती की बढ़ती लागत के बीच किसानों के लिए खरीफ और रबी फसलों की लागत एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर नई तस्वीर सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार, बाजरा और उड़द की उत्पादन लागत में पिछले कुछ वर्षों में 53 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सरकार ने इन फसलों के एमएसपी में अधिकतम 34 फीसदी तक इजाफा किया है। दूसरी ओर, चना की एमएसपी में केवल 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
बाजरा और उड़द की लागत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
विशेषज्ञों के मुताबिक बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई और मजदूरी जैसी कृषि लागत लगातार बढ़ने से बाजरा और उड़द की खेती पहले की तुलना में काफी महंगी हो गई है। कई क्षेत्रों में किसानों की लागत 50 फीसदी से अधिक बढ़ चुकी है, जिससे लाभ का मार्जिन प्रभावित हुआ है।
MSP बढ़ी, लेकिन लागत के मुकाबले राहत सीमित
सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बाजरा और उड़द के न्यूनतम समर्थन मूल्य में करीब 34 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। हालांकि, किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत में हुई तेज बढ़ोतरी की तुलना में एमएसपी में वृद्धि अभी भी पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि बढ़ती महंगाई और खेती पर बढ़ते खर्च को देखते हुए समर्थन मूल्य में और अधिक बढ़ोतरी की जरूरत है।
चना उत्पादकों को कम फायदा
रबी की प्रमुख फसल चना के मामले में किसानों की नाराजगी अधिक देखने को मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार, चना की एमएसपी में केवल 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। किसानों का कहना है कि लागत बढ़ने के बावजूद एमएसपी में अपेक्षाकृत कम वृद्धि होने से उनकी आय पर असर पड़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेती की लागत और एमएसपी के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यदि उत्पादन लागत तेजी से बढ़ती रही और समर्थन मूल्य उसी अनुपात में नहीं बढ़ा, तो किसानों का मुनाफा घटेगा और फसल उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि एमएसपी तय करते समय वास्तविक लागत, महंगाई और किसानों की आय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

