एमजीएम मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती में अनियमितता, डीन को मिली थी चेतावनी
शहर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (एमजीएम) में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों (एसआर) की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता सामने आने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मिली शिकायत के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए 12 मई 2026 को कॉलेज के डीन को चेतावनी जारी की थी। विभाग ने स्पष्ट किया था कि भर्ती प्रक्रिया में ऐसी चूक दोबारा नहीं होनी चाहिए।
इस मामले ने मेडिकल कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों के उपचार के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों के अनुसार होना जरूरी है।
शिकायत के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान
जानकारी के मुताबिक, एमजीएम मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और 12 मई 2026 को कॉलेज के डीन को चेतावनी जारी की। विभाग ने भविष्य में इस तरह की चूक नहीं दोहराने की हिदायत दी थी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि भर्ती प्रक्रिया के किस चरण में अनियमितता हुई थी। यह भी सामने नहीं आया है कि मामला पात्रता, चयन प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच या किसी अन्य नियम से जुड़ा था। इसलिए अनियमितता की प्रकृति और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के बारे में फिलहाल कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल
मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति के दौरान निर्धारित पात्रता, चयन मानदंड और विभागीय नियमों का पालन करना जरूरी होता है। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर योग्य उम्मीदवारों के हित प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी चेतावनी को इस मामले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा सकता है। ऐसी चेतावनियों का उद्देश्य संबंधित संस्थानों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए निर्देश देना होता है।
अब आगे क्या होगा?
इस मामले में आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि कॉलेज प्रशासन भर्ती प्रक्रिया में सामने आई चूक को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में होने वाली नियुक्तियों में नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि शिकायत के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन को चेतावनी दी थी। हालांकि, भर्ती में हुई अनियमितता का पूरा विवरण, संभावित जिम्मेदार लोगों और उसके बाद की गई कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

