नशा और मोबाइल के दुरुपयोग से दूर रहने का संदेश, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दी सीख
युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत तथा मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में नशा और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक असर डाल रहा है। ऐसे में बच्चों और युवाओं को जागरूक कर उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर शौक या दोस्तों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत जिंदगी को बर्बाद कर सकती है। नशे की वजह से स्वास्थ्य खराब होने के साथ परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।
मोबाइल का सीमित इस्तेमाल जरूरी
वक्ताओं ने मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल आज जरूरत का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा या गलत इस्तेमाल बच्चों और युवाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। घंटों मोबाइल चलाने से पढ़ाई, नींद, एकाग्रता और सामाजिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
युवाओं से अपील की गई कि वे मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई, जानकारी और जरूरी कामों के लिए करें। सोशल मीडिया पर लगातार समय बिताने के बजाय खेल, व्यायाम, किताब पढ़ने और रचनात्मक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
सकारात्मक सोच अपनाने की अपील
कार्यक्रम में कहा गया कि नशे से बचने के लिए परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। अभिभावकों को बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए और उनकी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। यदि कोई बच्चा नशे की ओर बढ़ रहा है तो उसे डांटने के बजाय समझाकर सही दिशा में लाने का प्रयास करना चाहिए।
वक्ताओं ने युवाओं से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और समय का सदुपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही बेहतर भविष्य की नींव है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और मोबाइल फोन का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने का संकल्प लिया। साथ ही आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

