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मध्यप्रदेश में बनेगा मेगा मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर: इंदौर–उज्जैन के बीच 2000 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली रफ्तार

मध्यप्रदेश में बनेगा मेगा मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर: इंदौर–उज्जैन के बीच 2000 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशभर में पांच विशेष रीजनल मेडिकल हब विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब मध्यप्रदेश में तेजी से आकार लेने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल टूरिज्म को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

इस योजना के अंतर्गत इंदौर और उज्जैन के बीच एक बड़े मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर के विकास पर काम किया जा रहा है। शुरुआती चरण में इस परियोजना के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे इस पूरे क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, इस कॉरिडोर का उद्देश्य न केवल प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक अस्पतालों, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं, रिसर्च सेंटर और हेल्थ टेक्नोलॉजी यूनिट्स को शामिल किए जाने की योजना है।

इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों के बीच बनने वाला यह कॉरिडोर न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। अनुमान है कि इस परियोजना से स्वास्थ्य क्षेत्र, हॉस्पिटल मैनेजमेंट, नर्सिंग और मेडिकल टेक्नोलॉजी से जुड़े हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से मध्यप्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो सकता है जहां मेडिकल टूरिज्म को बड़े पैमाने पर विकसित किया जा रहा है। उज्जैन जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर को इंदौर के औद्योगिक और चिकित्सा ढांचे से जोड़कर एक मजबूत स्वास्थ्य नेटवर्क तैयार करने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है तो यह क्षेत्र न केवल देश के मरीजों के लिए बल्कि विदेशों से आने वाले चिकित्सा पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की संभावना है।

फिलहाल परियोजना के शुरुआती चरण पर काम शुरू हो चुका है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। आने वाले समय में इसके विस्तृत प्लान और कार्यान्वयन मॉडल को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। यह मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को एक नई पहचान देने के साथ-साथ देश के हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

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