कालिका माता मंदिर में भंडारे की तैयारियों को लेकर बैठक, सांसद-विधायक समेत जनप्रतिनिधि और ग्रामीण हुए शामिल
बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर में नवरात्रि के बाद आयोजित होने वाले भंडारे को लेकर शुक्रवार रात बैठक आयोजित की गई। बैठक में भंडारे की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आयोजन से जुड़े लोगों ने चर्चा की। इस दौरान खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई और पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में नवरात्रि के बाद मंदिर परिसर में होने वाले भंडारे को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भोजन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई, पेयजल और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने भी आयोजन को बेहतर तरीके से संपन्न कराने के लिए अपने सुझाव रखे।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कालिका माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के बाद होने वाले भंडारे में भी आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी करना जरूरी है।
बैठक में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई। भंडारे के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने और भोजन वितरण को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा वाहनों की आवाजाही और पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी सुझाव लिए गए।
इस बैठक में सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, विधायक राजन मंडलोई और पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और आयोजन से जुड़े लोग शामिल हुए। सभी ने मिलकर भंडारे को व्यवस्थित और सुचारु तरीके से आयोजित करने के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने मंदिर और भंडारे से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अपनी बात रखी। आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह भी दिखाई दिया। अब नवरात्रि के बाद होने वाले भंडारे में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कालिका माता मंदिर बड़वानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। ऐसे में भंडारे के आयोजन को लेकर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

