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नंबर वन स्थान गंवाने के बाद मेयर पुष्यमित्र का वादा, बोले- ट्रैफिक और इंडस्ट्री से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर रहेगा फोकस

नंबर वन स्थान गंवाने के बाद मेयर पुष्यमित्र का वादा, बोले- ट्रैफिक और इंडस्ट्री से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर रहेगा फोकस

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नंबर वन स्थान गंवाने के बाद इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर की हवा को बेहतर बनाने के लिए सालभर अभियान चलाने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक और औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण, खासकर PM10 कणों को कम करने के लिए लगातार कदम उठाए जाएंगे।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनेगी सालभर की रणनीति

मेयर पुष्यमित्र ने कहा कि वायु गुणवत्ता सुधारना केवल किसी एक मौसम या अभियान तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए पूरे साल लगातार काम करने की जरूरत है।उन्होंने संकेत दिया कि शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या, यातायात दबाव और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजनाओं पर काम किया जाएगा।

PM10 कणों को कम करना बड़ी चुनौती

शहरों में वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण PM10 जैसे सूक्ष्म कण माने जाते हैं। सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां इन कणों के प्रमुख स्रोत हैं।मेयर ने कहा कि इंदौर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट, धूल नियंत्रण और औद्योगिक प्रदूषण कम करने जैसे कदमों पर जोर दिया जाएगा।

स्वच्छ हवा की रैंकिंग में बदलाव

हालिया स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों की रैंकिंग में बदलाव देखने को मिला है। इस सर्वेक्षण में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए गए उपायों के आधार पर शहरों का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें सड़क धूल, वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, कचरा प्रबंधन और हरित क्षेत्र जैसे मानकों को शामिल किया जाता है।इंदौर ने पहले भी स्वच्छता और पर्यावरण सुधार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर लगातार सुधार की जरत बनी हुई है।

ट्रैफिक प्रदूषण पर रहेगा विशेष ध्यान

शहर में बढ़ते वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों बड़ी चुनौती हैं। प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था सुधारने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं।केंद्र के नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत भी शहरों में वाहन उत्सर्जन, सड़क धूल, कचरा जलाने और औद्योगिक प्रदूषण जैसे प्रमुख कारणों पर काम करने की योजना बनाई गई है।

मेयर ने जताई सुधार की उम्मीद

पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर की पहचान स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के रूप में बनी रहे, इसके लिए वायु गुणवत्ता सुधारना प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि लगातार प्रयासों से आने वाले समय में शहर फिर बेहतर प्रदर्शन करेगा।नंबर वन स्थान गंवाने के बाद इंदौर नगर निगम अब प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई रणनीति पर काम करने की तैयारी में है। मेयर ने ट्रैफिक और औद्योगिक प्रदूषण कम करने के लिए पूरे साल प्रयास जारी रखने का दावा किया है।

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