विदिशा के पटाखा बाजार में भीषण आग, 7 दुकानें जलकर राख; लाखों रुपये के पटाखों का नुकसान
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में गुरुवार शाम पटाखा बाजार में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। श्रीरामलीला मेला ग्राउंड में लगे पटाखा बाजार में शाम करीब 6 बजे एक दुकान से आग शुरू हुई। देखते ही देखते आग ने आसपास की सात दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में रखे लाखों रुपये के पटाखे जलकर राख हो गए।
त्योहार के मौके पर बाजार में पटाखों की दुकानें लगी हुई थीं। ऐसे में आग लगने की घटना से दुकानदारों और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। पटाखों में आग लगने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। आग तेजी से फैलने से दुकानदारों को सामान बचाने का मौका भी नहीं मिल सका।
एक दुकान से शुरू हुई आग, सात दुकानें चपेट में
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6 बजे श्रीरामलीला मेला ग्राउंड के पटाखा बाजार में एक दुकान से आग की शुरुआत हुई। शुरुआत में आग एक दुकान तक सीमित थी, लेकिन पटाखों की मौजूदगी के कारण लपटें तेजी से फैलने लगीं। कुछ ही समय में आसपास की सात दुकानें आग की चपेट में आ गईं।
दुकानों में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे हुए थे। आग लगने के बाद पटाखों के जलने से बाजार में स्थिति और भयावह हो गई। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।
लाखों रुपये के पटाखे जलकर राख
इस हादसे में सात दुकानों में रखा लाखों रुपये का पटाखा जलकर नष्ट हो गया। दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। दीपावली के सीजन में कारोबार के लिए दुकानों में पटाखों का स्टॉक रखा गया था, जो आग की भेंट चढ़ गया।
पटाखा बाजार में आग लगने की घटना ने अस्थायी दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे बाजारों में आग से बचाव के पर्याप्त साधन होना जरूरी है, क्योंकि पटाखों की मौजूदगी के कारण छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।
पास खड़े वाहनों को भी खतरा
आग की लपटें फैलने से आसपास खड़ी संपत्तियों और वाहनों को भी खतरा पैदा हो गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पास खड़ी बाइक या अन्य वाहनों को हुए नुकसान का पूरा विवरण नहीं मिला है। आग लगने के कारणों और राहत-बचाव कार्रवाई को लेकर भी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
फिलहाल इस घटना में सात दुकानें जलने और लाखों रुपये के पटाखे नष्ट होने की जानकारी सामने आई है। आग कैसे लगी और सुरक्षा इंतजामों में कोई चूक हुई या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

