मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के नियमों में बड़ा बदलाव: दो से अधिक बच्चों वालों पर लग सकती है रोक
मध्य प्रदेश सरकार सरकारी सेवाओं से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 2026 का मसौदा जारी कर दिया है। नए ड्राफ्ट में सरकारी नौकरी के लिए पात्रता और सेवा शर्तों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रस्ताव को लेकर है, जिसमें दो से अधिक बच्चों वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य ठहराने का प्रावधान किया गया है।
जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने की पहल
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, निर्धारित तिथि के बाद यदि किसी अभ्यर्थी के दो से अधिक जीवित बच्चे हैं, तो वह राज्य सरकार की सेवाओं में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से जनसंख्या नियंत्रण संबंधी नीतियों को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, अंतिम नियम लागू होने से पहले मसौदे पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
सेवा शर्तों में होंगे कई बदलाव
नए ड्राफ्ट में केवल भर्ती ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तों, आचरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कई प्रावधानों को भी अद्यतन किया गया है। सरकार का उद्देश्य बदलते प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप नियमों को अधिक प्रभावी और स्पष्ट बनाना है।
जनता और कर्मचारियों से मांगे गए सुझाव
सामान्य प्रशासन विभाग ने मसौदा सार्वजनिक कर विभिन्न पक्षों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।
अन्य राज्यों में भी लागू हैं ऐसे प्रावधान
देश के कुछ राज्यों में पहले से ही दो-बच्चों की नीति से जुड़े प्रावधान स्थानीय निकाय चुनावों या कुछ सरकारी पदों के लिए लागू हैं। अब मध्य प्रदेश सरकार भी इसी दिशा में कदम बढ़ाती नजर आ रही है।
अंतिम निर्णय का इंतजार
फिलहाल यह केवल मसौदा है और इसे लेकर अंतिम अधिसूचना जारी होना बाकी है। नियमों के लागू होने से पहले सरकार विभिन्न हितधारकों की राय पर विचार करेगी।
यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है, तो इसका असर राज्य में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। इसलिए इस मसौदे पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

