कटनी में राशन दुकानों पर बड़ी कार्रवाई: कम राशन और स्टॉक गड़बड़ी पकड़ी गई, 5 विक्रेताओं पर केस दर्ज
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अनियमितताओं पर शिकंजा कसते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग ने गुरुवार को उचित मूल्य दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दुकानों में नियमों के उल्लंघन, पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन देने और स्टॉक में गड़बड़ी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने पांच राशन दुकान संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई दुकानों के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा कुछ स्थानों पर पात्र हितग्राहियों को तय मात्रा से कम राशन वितरित किए जाने की शिकायतें भी सही पाई गईं। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रिकॉर्ड और स्टॉक में मिला अंतर
औचक निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न के भंडारण, वितरण रजिस्टर और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच में कुछ दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक और दर्ज रिकॉर्ड में अंतर मिला, जिससे राशन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए।
हितग्राहियों को कम राशन देने की शिकायत सही
जांच टीम को कई हितग्राहियों ने शिकायत की कि उन्हें निर्धारित कोटे से कम राशन दिया जा रहा है। अधिकारियों ने मौके पर जांच की तो कुछ मामलों में शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पांच विक्रेताओं पर दर्ज हुआ प्रकरण
खाद्य आपूर्ति विभाग ने नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के आरोप में पांच उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलेभर में उचित मूल्य दुकानों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। यदि किसी दुकान पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने हितग्राहियों से भी अपील की है कि यदि उन्हें राशन वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी, कम तौल या अन्य अनियमितता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

