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Maihar News: CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बन साइबर ठगों ने बुजुर्ग से ठगे 22 लाख रुपये

Maihar News: CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बन साइबर ठगों ने बुजुर्ग से ठगे 22 लाख रुपये

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में साइबर ठगों ने एक 69 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 22 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को CBI और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को कई दिनों तक झांसे में रखा और उनके बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली।

CBI और दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर किया कॉल

जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग को फोन कर खुद को CBI और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। ठगों ने दावा किया कि उनका नाम किसी गंभीर आपराधिक मामले और मनी लॉन्ड्रिंग जांच में सामने आया है।

इसके बाद बुजुर्ग को कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाया गया।

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ऐंठे लाखों रुपये

ठगों ने बुजुर्ग को कथित जांच के नाम पर लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में रखा। उन्होंने पीड़ित को किसी से बात नहीं करने और मामले को गोपनीय रखने के निर्देश दिए।

डर और दबाव में आकर बुजुर्ग ने अलग-अलग चरणों में करीब 22 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

ठगी का एहसास होने पर दर्ज कराई शिकायत

जब काफी समय बाद भी पैसे वापस नहीं मिले और ठगों का व्यवहार संदिग्ध लगा, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में जुटी पुलिस

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने साइबर अपराध के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनका उपयोग ठगी में किया गया।

लोगों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, CBI, पुलिस या जांच संस्था फोन पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती। यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर बैंक खाते, OTP या पैसे की मांग करे तो उसकी तुरंत सूचना पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को दें।

कैसे बचें साइबर ठगी से?

  • किसी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
  • वीडियो कॉल पर दिखाए जाने वाले फर्जी पहचान पत्रों पर भरोसा न करें।
  • गिरफ्तारी या जांच के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें।
  • संदिग्ध कॉल आने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
  • किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले स्थानीय पुलिस या परिवार से सलाह लें।

पुलिस का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट और फर्जी अधिकारी बनकर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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