मैहर कलेक्टर की सख्ती: अमरपाटन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने गुरुवार को अमरपाटन जनपद एवं राजस्व इकाई की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों, जन शिकायतों, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य लंबित मामलों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन से जुड़े मामलों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को समय पर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति, विकास कार्यों और राजस्व संबंधी गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि फील्ड स्तर पर निरीक्षण बढ़ाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का लगातार मूल्यांकन किया जाए।कलेक्टर ने अधिकारियों को जनता से संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान होने से लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है और शिकायतों की संख्या भी कम होती है।
बैठक में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों और सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कहीं अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन का मानना है कि इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकों से विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। साथ ही राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण से आम नागरिकों को राहत मिलेगी।बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है।

