महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाला: CBI ने दायर किए 6 नए आरोप पत्र, भोपाल के दो ट्रैवल कारोबारी समेत कई आरोपी नामजद
देश के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज करते हुए विशेष अदालत में छह नए आरोप पत्र (चार्जशीट) पेश किए हैं। इनमें एक चार्जशीट महादेव एप से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले से संबंधित है, जबकि अन्य पांच आरोप पत्र अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर दाखिल किए गए हैं।
सीबीआई द्वारा पेश किए गए आरोप पत्रों में असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धम्मानी सहित भोपाल स्थित रैपिड ट्रैवल एजेंसी के संचालक विशाल आहूजा और धीरज आहूजा को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी का आरोप है कि ये लोग ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन, धन के लेनदेन और उससे जुड़े अन्य गतिविधियों में शामिल थे।
भ्रष्टाचार और सट्टा नेटवर्क दोनों पर फोकस
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, एक आरोप पत्र में महादेव एप से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की जांच का ब्यौरा दिया गया है। इसमें उन व्यक्तियों और माध्यमों की भूमिका की जांच की गई है, जिनके जरिए अवैध सट्टा कारोबार को संरक्षण या सुविधा मिलने की आशंका जताई गई है।
वहीं, पांच अन्य चार्जशीट में ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क, बैंक खातों, हवाला लेनदेन, शेल कंपनियों और तकनीकी प्लेटफॉर्म के उपयोग से जुड़े तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि इन नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध धन का लेनदेन किया गया।
भोपाल कनेक्शन पर भी जांच
चार्जशीट में भोपाल के विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के नाम शामिल होने से मामले का मध्यप्रदेश कनेक्शन भी फिर चर्चा में आ गया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर सट्टा नेटवर्क से जुड़े लेनदेन और व्यवस्थाओं में भूमिका निभाई। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
विशेष अदालत में होगी सुनवाई
सीबीआई ने सभी छह आरोप पत्र विशेष अदालत में प्रस्तुत कर दिए हैं। अब अदालत इनका परीक्षण करेगी और आरोपियों के खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। जांच एजेंसी आने वाले समय में पूरक आरोप पत्र भी दाखिल कर सकती है, क्योंकि मामले में वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं की जांच अभी जारी है।
क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टा मामला?
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप देश के सबसे चर्चित अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क में से एक माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसके जरिए देश-विदेश में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा कारोबार संचालित किया गया। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई सहित कई एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं।
सीबीआई की नई चार्जशीट के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी कार्रवाई का दायरा और व्यापक हो गया है। अब निगाहें विशेष अदालत की आगामी सुनवाई और जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

