सिकल सेल जांच में मध्य प्रदेश की बड़ी उपलब्धि: 1.33 करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, देशभर में बनाया रिकॉर्ड
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत मध्य प्रदेश ने सिकल सेल बीमारी की जांच के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 1,33,69,993 यानी 1.33 करोड़ से अधिक लोगों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है। यह आंकड़ा राज्य में बीमारी की पहचान और समय रहते उपचार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारी है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं का आकार असामान्य हो जाता है। इसके कारण शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। बीमारी की समय रहते पहचान होने पर मरीजों को चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा सकती है।
बड़े स्तर पर की जा रही स्क्रीनिंग
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत देशभर में लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। मध्य प्रदेश में भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने और संभावित मरीजों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
1.33 करोड़ से ज्यादा लोगों की जांच का आंकड़ा राज्य की व्यापक स्क्रीनिंग कवरेज को दिखाता है। खास तौर पर उन क्षेत्रों में जांच पर जोर दिया जा रहा है, जहां सिकल सेल बीमारी का जोखिम अधिक माना जाता है।
बीमारी की जल्द पहचान पर जोर
सिकल सेल एनीमिया की पहचान के लिए स्क्रीनिंग महत्वपूर्ण मानी जाती है। शुरुआती स्तर पर बीमारी या उसके वाहक होने की जानकारी मिलने से व्यक्ति और परिवार को चिकित्सकीय सलाह लेने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से सरकार की ओर से जांच सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर स्क्रीनिंग के साथ जागरूकता बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही है, ताकि लोग बीमारी के लक्षणों और जांच की आवश्यकता को समझ सकें। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना भी इस अभियान का अहम हिस्सा है।
उन्मूलन मिशन के तहत लगातार प्रयास
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का उद्देश्य सिकल सेल बीमारी की जल्द पहचान, जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से इसके प्रभाव को कम करना है। मध्य प्रदेश में अब तक 1,33,69,993 लोगों की जांच पूरी होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
राज्यसभा में सामने आए आंकड़ों के बाद मध्य प्रदेश की स्क्रीनिंग उपलब्धि चर्चा में है। आने वाले समय में भी अधिक लोगों की जांच और संभावित मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर फोकस रहने की उम्मीद है।

