Madhya Pradesh: कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता के एक शावक ने भी तोड़ा दम, दो महीने में चार की मौत
वन विभाग के अनुसार, शुरुआत से ही यह शावक चारों शावकों में से सबसे छोटा, कम सक्रिय और सुस्त रहा है। सामान्यत: कमजोर चीता शावक अन्य शावकों के मुकाबले कम दूध पी पाता है, जिससे उसके सरवाइवल की उम्मीद कम होती जाती है और ऐसे शावक लम्बे समय तक जीवित नहीं रह पाते। कहा जा रहा है कि सामान्यत: अफ्रीकी देशों में चीता शावकों का सरवाइवल प्रतिशत बहुत कम होता है। उपलब्ध साहित्य एवं विशेषज्ञों के अनुसार खुले जंगल में सरवाइवल प्रतिशत मात्र 10 प्रतिशत होता है। प्राकृतिक स्थलों में मात्र 10 में से एक चीता शावक वयस्क हो पाता है। इसीलिए सामान्यत जन्म लेने वाले शावकों की संख्या अन्य जंगली बिल्ली प्रजातियों की तुलना में चीता में सर्वाधिक होती है। ज्ञात हो कि इससे पहले तीन चीतों की मौत हे चुकी है। वहीं एक मादा ने जिन चार शावकों के जन्म दिया था, उनमें से एक शावक की मौत हुई है।
--आईएएनएस
भोपाल न्यूज डेस्क !!!
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