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ग्वालियर के कुलैथ गांव में भी बसते हैं भगवान जगन्नाथ: पुरी जैसी परंपराओं का अनोखा संगम, 300 साल पुराना है इतिहास

ग्वालियर के कुलैथ गांव में भी बसते हैं भगवान जगन्नाथ: पुरी जैसी परंपराओं का अनोखा संगम, 300 साल पुराना है इतिहास

भगवान जगन्नाथ का नाम सुनते ही सबसे पहले ओडिशा के प्रसिद्ध पुरी धाम और वहां निकलने वाली भव्य रथयात्रा की तस्वीर सामने आती है। लेकिन मध्य प्रदेश में भी एक ऐसा स्थान है, जहां भगवान जगन्नाथ की अनूठी परंपराएं सदियों से निभाई जा रही हैं। तानसेन की नगरी ग्वालियर से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित कुलैथ गांव भगवान जगन्नाथ की भक्ति और परंपराओं का अद्भुत केंद्र है।

कुलैथ गांव में भगवान जगन्नाथ का प्राचीन मंदिर है, जहां हर साल धार्मिक आयोजन और रथयात्रा की परंपरा निभाई जाती है। यहां की मान्यताएं और पूजा पद्धतियां लोगों को ओडिशा के पुरी धाम की याद दिलाती हैं।

300 साल पुरानी परंपरा से जुड़ा है गांव

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, कुलैथ में भगवान जगन्नाथ की पूजा परंपरा काफी पुरानी है। सदियों से यहां श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की आराधना करते आ रहे हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से गांव में सुख-समृद्धि बनी रहती है। विशेष अवसरों पर दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

रथयात्रा में उमड़ता है आस्था का सैलाब

पुरी की तरह ही कुलैथ में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इस दौरान भगवान को रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाता है। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ भगवान के दर्शन करते हैं।

रथयात्रा के अवसर पर पूरा गांव धार्मिक रंग में रंग जाता है। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल होने पहुंचते हैं।

पुरी धाम जैसी परंपराओं की झलक

कुलैथ की खासियत यह है कि यहां भगवान जगन्नाथ की पूजा और उत्सवों में कई ऐसी परंपराएं देखने को मिलती हैं, जो पुरी धाम से जुड़ी हुई हैं। यही वजह है कि श्रद्धालुओं के बीच यह स्थान विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है।

धार्मिक जानकारों के अनुसार, भारत के अलग-अलग हिस्सों में भगवान जगन्नाथ की पूजा की अलग-अलग परंपराएं हैं, लेकिन सभी का मूल भाव भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति है।

धार्मिक पर्यटन का बन रहा केंद्र

ग्वालियर के पास स्थित कुलैथ अब धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण स्थान बनता जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल भगवान जगन्नाथ के दर्शन करते हैं, बल्कि गांव की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति से भी परिचित होते हैं।

पुरी धाम की प्रसिद्धि के बीच मध्य प्रदेश का यह छोटा सा गांव भगवान जगन्नाथ की भक्ति की एक अलग कहानी कहता है, जहां आस्था और परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा के साथ जीवित है।

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