ग्वालियर में ‘लुटेरी दुल्हन’ मामला पहुंचा पुलिस अधीक्षक कार्यालय, युवक ने लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ से जुड़ा मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। यह मामला बिजौली थाना क्षेत्र के मुगुलपुरा निवासी राहुल जाटव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद चर्चा में आ गया है। राहुल ने अपनी पत्नी, सास, साली और शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है।
शिकायतकर्ता राहुल जाटव का आरोप है कि विवाह के बाद उसके साथ धोखाधड़ी की गई और पारिवारिक सदस्यों के साथ मिलकर उसे मानसिक और आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया। राहुल का कहना है कि शादी के बाद हालात सामान्य नहीं रहे और धीरे-धीरे उसे यह महसूस हुआ कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखा किया गया है। उसने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों ने मिलकर उससे पैसे और अन्य संसाधन लिए और बाद में संबंधों में तनाव पैदा हो गया।
मामले में सबसे गंभीर आरोप शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक पर लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध रही है और उसने पारिवारिक विवादों में हस्तक्षेप किया। राहुल ने आरोप लगाया है कि आरक्षक ने कथित रूप से प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को प्रभावित करने की कोशिश की, जिससे उसे न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
पीड़ित युवक का यह भी कहना है कि उसने पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उचित कार्रवाई न होने के कारण उसे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख करना पड़ा। अब मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या आपराधिक साजिश सामने आती है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए प्रशासन ने सभी से अपील की है कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
फिलहाल पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार है, जिसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मामला वास्तव में धोखाधड़ी का है या पारिवारिक विवाद का एक अन्य रूप।

