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चोरी के शक में जूनियर्स पर जुल्म, हाथों में रखे जलते अंगारे: मंडला हॉस्टल में 3 बच्चों को बेल्ट से पीटा, छत से फेंकने की धमकी

चोरी के शक में जूनियर्स पर जुल्म, हाथों में रखे जलते अंगारे: मंडला हॉस्टल में 3 बच्चों को बेल्ट से पीटा, छत से फेंकने की धमकी

मध्यप्रदेश के मंडला जिले में सरकारी छात्रावास से बच्चों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। पाठा सिहोरा स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सरकारी छात्रावास में चोरी के शक में सीनियर छात्रों ने तीन जूनियर बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट की। आरोप है कि बच्चों को बेल्ट से पीटा गया और उनके हाथों में जलते हुए अंगारे रखे गए। इतना ही नहीं, विरोध करने या किसी को घटना बताने पर उन्हें छत से नीचे फेंकने की धमकी भी दी गई।

मामला सामने आने के बाद छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और बच्चों से पूछताछ कर पूरी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।

चोरी के शक में शुरू हुई कथित प्रताड़ना

जानकारी के अनुसार, छात्रावास में रहने वाले कुछ सीनियर छात्रों को किसी सामान के चोरी होने का शक था। इसी शक के आधार पर उन्होंने कक्षा 6 में पढ़ने वाले तीन जूनियर छात्रों को कथित तौर पर पकड़ लिया। आरोप है कि बच्चों से चोरी को लेकर पूछताछ की गई और इसके बाद उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।

बताया जा रहा है कि बच्चों को बेल्ट से पीटा गया। मारपीट के दौरान उन्हें डराने और प्रताड़ित करने के लिए उनके हाथों में जलते अंगारे रखे जाने का भी आरोप है। इस घटना के बाद बच्चे काफी डरे हुए बताए जा रहे हैं।

छत से फेंकने की धमकी का भी आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप बच्चों को छत से नीचे फेंकने की धमकी देने का है। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने जूनियर्स को धमकाया कि यदि उन्होंने घटना के बारे में किसी को बताया तो उन्हें छत से नीचे फेंक दिया जाएगा।

इस धमकी के कारण बच्चे डर गए और उन्होंने तत्काल घटना की जानकारी नहीं दी। बाद में मामला सामने आने पर परिजनों और अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के दौरान छात्रावास में कौन-कौन से छात्र मौजूद थे और बच्चों के साथ कितनी देर तक मारपीट की गई।

छात्रावास की व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना ने सरकारी छात्रावासों में रहने वाले नाबालिग विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रावास में बड़ी संख्या में बच्चे रहते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन की होती है। ऐसे में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर्स के साथ इस तरह की कथित हिंसा सामने आने के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

प्रशासन अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। बच्चों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार छात्रों की भूमिका तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

बच्चों में डर का माहौल

घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले बच्चों के बीच डर का माहौल बताया जा रहा है। नाबालिग बच्चों के साथ कथित मारपीट और धमकी के मामले को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। तीन जूनियर छात्रों के साथ कथित मारपीट, जलते अंगारे रखने और छत से फेंकने की धमकी जैसे आरोपों ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी और यह पता चलेगा कि इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।

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