जायल स्कूल में बच्चों को गुड टच-बैड टच की जानकारी, बोले- गलत स्पर्श पर दृढ़ता से ‘रुकिए’ कहें; 1098 हेल्पलाइन बताई
बच्चों को सुरक्षित माहौल देने और उन्हें किसी भी तरह के गलत स्पर्श के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जायल के स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों से कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करता है तो डरने के बजाय दृढ़ता से ‘रुकिए’ कहना चाहिए और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
कार्यक्रम में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े उपायों के बारे में भी बताया गया। साथ ही जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी दी गई।
गलत स्पर्श पर चुप नहीं रहें
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि हर बच्चा अपने शरीर को लेकर निर्णय लेने का अधिकार रखता है। यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार असहज महसूस हो या वह गलत तरीके से छूने का प्रयास करे तो बच्चे को चुप नहीं रहना चाहिए।
बच्चों को बताया गया कि ऐसी स्थिति में स्पष्ट शब्दों में ‘नहीं’ या ‘रुकिए’ कहना चाहिए। इसके बाद माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य भरोसेमंद व्यक्ति को घटना के बारे में बताना जरूरी है।
1098 हेल्पलाइन की दी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में भी बताया गया। बच्चों को समझाया गया कि संकट या परेशानी की स्थिति में वे मदद के लिए हेल्पलाइन की सहायता ले सकते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक करना जरूरी है, ताकि वे किसी भी असामान्य या गलत व्यवहार को पहचान सकें और समय रहते मदद मांग सकें।
स्कूल में लगाई ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी
कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर में ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी भी लगाई गई। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी समस्याएं या शिकायतें सुरक्षित तरीके से सामने रखने का अवसर देना है।
कई बार बच्चे डर या संकोच के कारण अपनी परेशानी किसी के सामने सीधे नहीं बता पाते। ऐसे में शिकायत पेटी उनके लिए अपनी बात रखने का माध्यम बन सकती है। बच्चों को बताया गया कि यदि उन्हें किसी तरह की समस्या है या कोई उन्हें परेशान कर रहा है तो वे अपनी शिकायत लिखकर पेटी में डाल सकते हैं।
बच्चों को जागरूक करना जरूरी
कार्यक्रम में कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल या परिवार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसके प्रति सजग रहना चाहिए। बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें यह भरोसा दिलाना भी जरूरी है कि परेशानी के समय उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें मदद मिलेगी।
जागरूकता कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को सुरक्षित व्यवहार, गलत स्पर्श की पहचान और मदद मांगने के तरीकों की जानकारी दी गई। स्कूल में शिकायत पेटी लगाए जाने से बच्चों को अपनी बात रखने के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षित माध्यम भी उपलब्ध हो गया है।

