Samachar Nama
×

17 साल पुराने हत्या केस में दो भाइयों को हाईकोर्ट से राहत: जबलपुर हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए गंभीर सवाल

17 साल पुराने हत्या केस में दो भाइयों को हाईकोर्ट से राहत: जबलपुर हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश के 17 साल पुराने हत्या के एक मामले में दो भाइयों को बड़ी राहत देते हुए उच्च न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया। फैसले में अदालत ने पुलिस जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला संदेह के घेरे में आ गया।

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जांच में कई ऐसी विसंगतियां सामने आईं, जिन्होंने पूरे मामले की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए। न्यायालय ने विशेष रूप से इस बात पर टिप्पणी की कि यदि मृतक हस्ताक्षर करना जानता था, तो उससे अंगूठे का निशान क्यों लगवाया गया।

इसके साथ ही अदालत ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। न्यायालय ने पूछा कि एफआईआर वास्तव में किसने लिखी और उसके संबंध में स्पष्ट एवं विश्वसनीय जानकारी जांच में क्यों प्रस्तुत नहीं की गई।

हाईकोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका। जांच और साक्ष्यों में मौजूद कमियों के कारण आरोपियों को दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने दोनों भाइयों को हत्या के मामले से बरी कर दिया।

फैसले में न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि आपराधिक मामलों में निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच अत्यंत आवश्यक है। यदि जांच में लापरवाही या प्रक्रियागत त्रुटियां होती हैं, तो इसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ता है और दोष सिद्ध करना कठिन हो जाता है।

यह मामला करीब 17 वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था। लंबे समय तक चली सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

इस निर्णय को आपराधिक मामलों की जांच में पारदर्शिता, साक्ष्यों की विश्वसनीयता और कानूनी प्रक्रिया के पालन के महत्व को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

Share this story

Tags