जबलपुर क्रूज हादसा: आंधी अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन पर उठे सवाल, अनुमति प्रक्रिया जांच के घेरे में
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे को लेकर अब प्रशासनिक लापरवाही के सवाल गहराते जा रहे हैं। घटना से ठीक एक दिन पहले ही मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी का अलर्ट जारी किया था, इसके बावजूद क्रूज को बरगी डैम के पानी में उतारने की अनुमति कैसे दी गई—यह बड़ा सवाल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, हादसे के दौरान क्रूज संचालन जारी था और अचानक मौसम बिगड़ने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। तेज हवाओं और अस्थिर जल परिस्थितियों के बीच क्रूज संतुलन खो बैठा, जिससे यात्रियों को भारी संकट का सामना करना पड़ा।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बरगी डैम क्षेत्र में पर्यटक गतिविधियों के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद संचालन रोके जाने को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश सामने नहीं आए।
अब इस पूरे मामले में अनुमति प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक समन्वय पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पर्यटन स्थलों पर मौसम अलर्ट को गंभीरता से लेना जरूरी होता है, क्योंकि जल क्षेत्र में तेज हवाएं दुर्घटनाओं का जोखिम कई गुना बढ़ा देती हैं।
प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या समय रहते क्रूज संचालन को रोकने के निर्देश दिए गए थे या नहीं। फिलहाल, संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि चेतावनी के बावजूद गतिविधियां जारी रहना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि अनुमति देने और संचालन जारी रखने के पीछे किन अधिकारियों और एजेंसियों की भूमिका रही।

