1.69 लाख के इनामी अंतरराज्यीय तस्कर सुनील रावत को ANTF ने दबोचा, 8 महीने की तलाश के बाद ‘ऑपरेशन नीलमणि’ में मिली सफलता
राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने 1.69 लाख रुपये के इनामी अंतरराज्यीय तस्कर सुनील रावत मीणा (27) को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की तलाश में जुटी टीम ने करीब आठ महीने की कड़ी मेहनत के बाद ‘ऑपरेशन नीलमणि’ के तहत मध्य प्रदेश के नीमच से उसे पकड़ा।
आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। बताया जा रहा है कि सुनील रावत मीणा मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
8 महीने से चल रही थी तलाश
जानकारी के अनुसार, सुनील रावत मीणा की गिरफ्तारी के लिए ANTF की टीम पिछले कई महीनों से लगातार काम कर रही थी। आरोपी की लोकेशन बदलने और पहचान छिपाकर रहने के कारण पुलिस को उसे पकड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
टीम ने तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और अन्य माध्यमों से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास जारी रखा। आखिरकार ऑपरेशन नीलमणि के तहत पुलिस को सफलता मिली और उसे नीमच क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान और एमपी में दर्ज हैं मामले
पुलिस के मुताबिक, आरोपी का नेटवर्क राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई इलाकों तक फैला हुआ था। उसके खिलाफ दोनों राज्यों में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस ने उस पर इनाम घोषित किया था। राजस्थान पुलिस की ओर से भी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे थे।
ANTF ने बनाई थी विशेष रणनीति
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए ANTF ने विशेष रणनीति तैयार की थी। टीम ने लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुख्ता सूचना के आधार पर नीमच में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि उसके पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
तस्करी नेटवर्क पर पड़ेगा असर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुनील रावत मीणा की गिरफ्तारी से मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
फिलहाल आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस को सौंपा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग इस अवैध कारोबार में शामिल थे और तस्करी का नेटवर्क किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था।

