इंदौर बनाएगा स्वच्छता में नया विश्व रिकॉर्ड, 30 जुलाई को 5 लाख 'सेग्रीगेशन सेल्फी' का लक्ष्य
देश के सबसे स्वच्छ शहरों में लगातार अपनी पहचान बनाए रखने वाला इंदौर अब जनभागीदारी के दम पर एक और विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ‘सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ’ अभियान के तहत इंदौर नगर निगम 30 जुलाई को एक अनूठा अभियान चलाएगा। इस अभियान का उद्देश्य 6 प्रकार के पृथक कचरे के साथ 5 लाख सेग्रीगेशन सेल्फी लेकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाना है।
स्वच्छता के लिए जनआंदोलन बनेगा अभियान
नगर निगम के अनुसार, इस विशेष अभियान में शहर के नागरिक, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन, व्यापारी, स्वयंसेवी संस्थाएं और विभिन्न सरकारी विभाग बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। सभी प्रतिभागी घरों और संस्थानों में अलग-अलग श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण कर उसके साथ सेल्फी लेंगे।
इस पहल का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि लोगों में कचरा पृथक्करण (वेस्ट सेग्रीगेशन) के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देना है।
6 प्रकार के कचरे का होगा पृथक्करण
अभियान के तहत नागरिकों को छह अलग-अलग श्रेणियों में कचरे को पृथक करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे घर-घर में स्रोत स्तर पर कचरा अलग करने की आदत विकसित होगी, जिससे रीसाइक्लिंग और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ' अभियान का हिस्सा
यह आयोजन भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित 'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ' अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम, बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
इंदौर फिर देगा देश को संदेश
इंदौर पहले भी स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है। अब नगर निगम जनभागीदारी के माध्यम से एक और विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी अग्रणी पहचान को और मजबूत करना चाहता है।
नागरिकों से भागीदारी की अपील
नगर निगम ने शहरवासियों से 30 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने और कचरा पृथक्करण की आदत अपनाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 5 लाख सेग्रीगेशन सेल्फी एकत्र हो जाती हैं, तो यह इंदौर के लिए एक नई ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
इस अभियान के जरिए इंदौर एक बार फिर यह संदेश देने की तैयारी में है कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही संभव है।

