इंदौर वृद्धाश्रम मामले में हाईकोर्ट सख्त, बुजुर्ग महिला की पिटाई और अव्यवस्थाओं पर लिया स्वत: संज्ञान
मध्य प्रदेश के इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिला की पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। वीडियो के आधार पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की है। पानी की टंकी परिसर में संचालित कथित अवैध वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की स्थिति, लापरवाही और व्यवस्थाओं को लेकर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वृद्धाश्रम में रह रही एक बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट का दृश्य दिखाई दिया था। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई। मामले में बुजुर्गों की सुरक्षा और वृद्धाश्रम के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर वृद्धाश्रम संचालित किया जा रहा था, वहां कई व्यवस्थाओं की कमी और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। आरोप है कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही थीं और उनकी देखरेख में लापरवाही बरती जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने बुजुर्गों की सुरक्षा, रहने की व्यवस्था, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और वृद्धाश्रम के वैध संचालन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी तलब की है।
प्रशासन ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम ने वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बुजुर्गों की देखभाल के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों में मानवीय व्यवहार और उचित सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इस मामले ने वृद्धाश्रमों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल हाईकोर्ट की निगरानी में मामले की जांच आगे बढ़ रही है। प्रशासन और संबंधित विभागों से उम्मीद की जा रही है कि वे बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। वहीं, दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

