Indore News: अब जन्म के शुरुआती समय में ही होगी सिकल सेल बीमारी की पहचान, MYH में Newborn Screening की तैयारी
इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल यानी एमवायएच में सिकल सेल बीमारी की शुरुआती पहचान को लेकर महत्वपूर्ण पहल की तैयारी की जा रही है। अस्पताल स्थित Center for Competency for Sickle Cell Disease में अब नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग बड़े स्तर पर शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके जरिए जन्म के शुरुआती समय में ही यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि नवजात सिकल सेल बीमारी से प्रभावित है या नहीं।
सिकल सेल एक आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारी है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं का आकार असामान्य हो सकता है। इसके कारण शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ मरीज को कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बीमारी की जल्द पहचान होने पर मरीज की निगरानी और आवश्यक देखभाल समय पर शुरू की जा सकती है।
बड़े स्तर पर होगी Newborn Screening
एमवायएच में संचालित सेंटर फॉर कॉम्पिटेंसी फॉर सिकल सेल डिजीज को इस दिशा में और मजबूत बनाने की तैयारी है। सेंटर में Newborn Screening को बड़े स्तर पर शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य नवजात बच्चों में बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में करना है।
वर्तमान में सिकल सेल की पहचान कई बार लक्षण सामने आने के बाद होती है। ऐसे में नवजात अवस्था में स्क्रीनिंग की सुविधा शुरू होने से बीमारी की पहचान में देरी को कम किया जा सकेगा। शुरुआती जानकारी मिलने पर बच्चे के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आगे की देखभाल की जा सकेगी।
केंद्र सरकार ने मदद का दिया आश्वासन
सेंटर की सुविधाओं और कामकाज का केंद्र सरकार की ओर से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद सेंटर को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय और उपकरण संबंधी मदद देने का आश्वासन दिया गया है।
इससे सेंटर में जांच और उपचार से जुड़ी सुविधाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने के बाद नवजात बच्चों की स्क्रीनिंग को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सकेगा।
समय पर पहचान से बेहतर होगी देखभाल
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी आनुवंशिक बीमारी की समय पर पहचान होने से मरीज की निगरानी और प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकता है। सिकल सेल बीमारी के मामले में भी शुरुआती पहचान महत्वपूर्ण मानी जाती है। नवजात अवस्था में बीमारी की जानकारी मिलने पर परिवार को आवश्यक परामर्श दिया जा सकता है और बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति पर नियमित नजर रखी जा सकती है।
एमवायएच में Newborn Screening की सुविधा शुरू होने के बाद इंदौर के साथ आसपास के क्षेत्रों के नवजात बच्चों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे सिकल सेल बीमारी की पहचान और प्रबंधन को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
सिकल सेल के खिलाफ अभियान को मिलेगी गति
देश में सिकल सेल बीमारी की पहचान और नियंत्रण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में एमवायएच के सेंटर में नवजात स्क्रीनिंग को बड़े स्तर पर शुरू करने की पहल इस अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
केंद्र सरकार की वित्तीय और उपकरण संबंधी सहायता मिलने के बाद सेंटर की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। अब योजना के क्रियान्वयन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के बाद Newborn Screening को व्यापक स्तर पर शुरू किया जा सकेगा। यह पहल नवजात बच्चों में सिकल सेल बीमारी की समय रहते पहचान और उनकी बेहतर स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

