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Indore News: इंदौर की JNNURM मल्टियों में उखड़ रहा प्लास्टर, दीवारों में दरारें देख सहमे परिवार; 2,012 फ्लैटों में रह रहे लोग

Indore News: इंदौर की JNNURM मल्टियों में उखड़ रहा प्लास्टर, दीवारों में दरारें देख सहमे परिवार; 2,012 फ्लैटों में रह रहे लोग

इंदौर की JNNURM योजना के तहत बनी मल्टियों में अब भवनों की हालत खराब होने लगी है। कई जगह दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है और इमारतों में दरारें दिखाई दे रही हैं। इन भवनों में हजारों परिवार रह रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रहवासियों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत की जरूरत महसूस हो रही है, लेकिन पर्याप्त स्तर पर काम नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

JNNURM योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए शहर में आवासीय मल्टियों का निर्माण कराया गया था। इन परियोजनाओं के तहत बने फ्लैटों में वर्तमान में करीब 2,012 परिवार रह रहे हैं। लोगों का कहना है कि मकान मिलने के बाद उन्हें सुरक्षित और स्थायी आवास की उम्मीद थी, लेकिन अब भवनों में जगह-जगह से प्लास्टर गिरने और दीवारों में दरारें आने लगी हैं।

दीवारों में दिखाई दे रहीं दरारें

रहवासियों के मुताबिक कई भवनों की दीवारों और अन्य हिस्सों में दरारें नजर आ रही हैं। कुछ स्थानों पर प्लास्टर की परत कमजोर होकर उखड़ रही है। इससे न केवल भवन की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि लोगों को यह डर भी सता रहा है कि कहीं कमजोर हिस्से अचानक गिर न जाएं।

मल्टियों में रहने वाले परिवारों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर वे ज्यादा चिंतित हैं। ऊंचाई से प्लास्टर या निर्माण सामग्री गिरने की स्थिति में हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

निगम से जल्द मरम्मत की मांग

रहवासियों ने नगर निगम से मल्टियों का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भवनों की स्थिति की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दरारें केवल प्लास्टर तक सीमित हैं या भवन के ढांचे पर भी इसका असर पड़ रहा है।

रहवासियों की मांग है कि केवल उखड़े हुए प्लास्टर को दोबारा लगाने के बजाय भवनों की व्यापक मरम्मत कराई जाए। साथ ही जहां जरूरत हो, वहां दीवारों और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की भी जांच की जाए।

2,012 फ्लैटों में रहते हैं परिवार

JNNURM मल्टियों में 2,012 फ्लैटों में परिवारों के रहने के कारण यह मामला बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो छोटी समस्या आगे चलकर बड़ी परेशानी में बदल सकती है।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि सरकारी आवास योजनाओं के तहत बनाए गए इन मकानों का नियमित रखरखाव जरूरी है। निर्माण के बाद समय-समय पर भवनों की जांच और मरम्मत होने से ऐसी समस्याओं को गंभीर होने से पहले ही रोका जा सकता है।

अब लोगों की नजर नगर निगम की कार्रवाई पर है। रहवासियों को उम्मीद है कि निगम की टीम मौके पर पहुंचकर भवनों की स्थिति का जायजा लेगी और जरूरी मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जाएगा।

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