Indore Crime: कारोबारी राजीव धाम पर 4.16 करोड़ की ठगी का आरोप, क्राइम ब्रांच ने दर्ज की FIR
मध्य प्रदेश के इंदौर में करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने कारोबारी राजीव धाम और उसके साथियों के खिलाफ 4 करोड़ 16 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। मामला एक संपत्ति विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
कोर्ट से राहत दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 58 वर्षीय मनमीत कौर का अपने जेठ के साथ पारिवारिक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान राजीव धाम ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए संपत्ति विवाद सुलझाने और कोर्ट से राहत दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप है कि इसी भरोसे के चलते महिला ने वर्ष 2015 से 2022 के बीच कुल 4 करोड़ 16 लाख रुपये कारोबारी की एडवरटाइजिंग फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। महिला का आरोप है कि बाद में रकम वापस करने से इनकार कर दिया गया।
26 लाख रुपये लौटाने के बाद बाकी रकम नहीं दी
शिकायत के मुताबिक, कुल रकम में से करीब 26 लाख रुपये वापस किए गए, जबकि लगभग 3 करोड़ 90 लाख रुपये की रकम बकाया रह गई। महिला ने बाद में जब अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर पैसे लौटाने से इनकार कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में पीड़िता की सास के निधन के बाद उन्होंने बकाया रकम वापस करने की मांग की थी। इसी दौरान कथित तौर पर उन्हें धमकियां भी दी गईं।
धमकी देने का भी आरोप
महिला ने पुलिस को दिए बयान में कारोबारी पर धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, राजीव धाम ने अपनी प्रशासनिक और राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए महिला को डराने का प्रयास किया। महिला ने कथित तौर पर हथियारों का भय दिखाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने की बात भी कही है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
EOW में भी की गई थी शिकायत
मामले को लेकर महिला ने आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW में भी शिकायत की थी। इसके बाद शिकायत और उपलब्ध तथ्यों की जांच की गई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने राजीव धाम और उसके साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।
अब पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, संपत्ति विवाद और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कर रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
फिलहाल कारोबारी और उसके साथियों पर लगे आरोप जांच के दायरे में हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।

