मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता संरक्षण परियोजना को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। भारत में जन्मी एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया है। इस उपलब्धि के बाद कूनो में चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने इस खबर को चीता पुनर्वास कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “चार साल, चार नए जीवन”। उन्होंने इसे भारत में चीता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। खास बात यह है कि जिन शावकों का जन्म हुआ है, उनकी मां का जन्म भारत में ही हुआ था। यानी अब कूनो में चीता आबादी की नई पीढ़ी भारत में जन्म लेकर आगे बढ़ रही है।
कूनो में लगातार बढ़ रहा चीता परिवार
भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के तहत चीतों को अफ्रीका से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया था। इसके बाद यहां चीतों के प्रजनन की प्रक्रिया भी शुरू हुई। कूनो में जन्म लेने वाले शावकों की संख्या बढ़ना इस परियोजना के लिए अहम माना जा रहा है।
चार नए शावकों के जन्म के साथ कूनो में मौजूद चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है। इनमें भारत लाए गए चीते और देश में जन्मे चीते दोनों शामिल हैं। लगातार हो रहे प्रजनन से कूनो में चीता आबादी के स्थायी रूप से बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।
भारत में जन्मी मादा चीता बनी मां
इस बार की सबसे खास बात यह है कि शावकों को जन्म देने वाली मादा चीता खुद भारत में पैदा हुई थी। इससे यह संकेत मिलता है कि कूनो का वातावरण चीतों के प्रजनन के लिए अनुकूल हो रहा है और भारत में जन्मे चीते भी आगे प्रजनन कर रहे हैं।
वन विभाग की टीमें कूनो में चीतों और नवजात शावकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं। शावकों के शुरुआती दिनों में उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखी जाती है, क्योंकि इस दौरान उनके सामने कई प्राकृतिक चुनौतियां होती हैं।

