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मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस क्षेत्र के हरलालपुरा गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। कुंवारी नदी में कार्तिक स्नान करने गईं दो सगी बहनों समेत तीन बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ। घटना के समय नदी पर कुल आठ बच्चियां मौजूद थीं। इनमें से पांच बच्चियां नहाते समय गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। इनमें से दो बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन की जान नहीं बच सकी। इस घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार, हरलालपुरा गांव की आठ बच्चियां गुरुवार सुबह कार्तिक स्नान के लिए कुंवारी नदी पहुंची थीं। सभी बच्चियां नदी में स्नान कर रही थीं। इसी दौरान पांच बच्चियां धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चली गईं। उन्हें पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वे डूबने लगीं। बच्चियों को मुश्किल में देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
पांच बच्चियां गहरे पानी में चली गईं
हादसे के दौरान नदी में मौजूद पांच बच्चियां डूबने लगीं। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीन बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो सगी बहनें भी शामिल हैं। एक साथ तीन बच्चियों की मौत की खबर से परिवारों में कोहराम मच गया।
सुबह 8 बजे हुआ हादसा
यह घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। बच्चियां कार्तिक स्नान के लिए घर से निकली थीं, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि धार्मिक स्नान के दौरान इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। नदी में डूबने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
दो सगी बहनों की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में दो सगी बहनों की जान जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन घरों में सुबह तक त्योहार और कार्तिक स्नान की तैयारियों का माहौल था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण भी इस घटना से सदमे में हैं। तीन बच्चियों की असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
नदी और तालाबों में स्नान के दौरान सावधानी जरूरी
कार्तिक महीने में धार्मिक मान्यताओं के चलते बड़ी संख्या में लोग नदियों और जलाशयों में स्नान करते हैं। इस दौरान बच्चों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। नदियों में कई जगह अचानक गहराई बढ़ जाती है और पानी के बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों को अकेले नदी में स्नान करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

