रिश्वत मामले में पन्ना के कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार निलंबित, लोकायुक्त ट्रैप के बाद दिया था विवादित बयान
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में जल संसाधन विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद की गई है। रिश्वत मामले में कार्रवाई के बाद अहिरवार ने मीडिया से बातचीत की थी। इस दौरान उनके बयान को लेकर भी चर्चा हुई।
बताया गया कि लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद जब मीडिया ने उनसे रिश्वत मांगने के मामले पर सवाल किए, तो उन्होंने कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है, लेकिन कोई प्यार से या अपनी खुशी से कुछ दे तो...। उनका यह बयान सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया था।
राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सी.बी. अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन के दौरान उनके मुख्यालय और आगे की विभागीय कार्रवाई से जुड़ी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद बढ़ी मुश्किलें
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद कार्यपालन यंत्री के खिलाफ सरकारी स्तर पर कार्रवाई की गई है। रिश्वत से जुड़े मामलों में लोकायुक्त की कार्रवाई के तहत संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।सी.बी. अहिरवार के मामले में भी ट्रैप कार्रवाई के बाद उनका बयान सामने आया था। अब राज्य सरकार के निलंबन आदेश से उनकी प्रशासनिक मुश्किलें बढ़ गई हैं।

