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अनूपपुर में महानवमी पर निकले ज्वारा विसर्जन जुलूस, मढ़िया माई मंदिर की शोभायात्रा में काली खप्पड़ नृत्य ने मोहा मन

अनूपपुर में महानवमी पर निकले ज्वारा विसर्जन जुलूस, मढ़िया माई मंदिर की शोभायात्रा में काली खप्पड़ नृत्य ने मोहा मन

मध्य प्रदेश के अनूपपुर में महानवमी के अवसर पर देवी मंदिरों से ज्वारा विसर्जन के जुलूस निकाले गए। श्रद्धा और उत्साह के बीच निकली इन शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मढ़िया माई मंदिर से निकली शोभायात्रा में काली खप्पड़ नृत्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। वहीं, महिलाएं और युवतियां सिर पर ज्वारा कलश लेकर जुलूस में शामिल हुईं।

महानवमी के मौके पर शहर में धार्मिक माहौल देखने को मिला। देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद ज्वारा विसर्जन की परंपरा निभाई गई। श्रद्धालुओं ने माता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और शोभायात्राओं में हिस्सा लिया।

मढ़िया माई मंदिर की शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु

मढ़िया माई मंदिर से निकले ज्वारा विसर्जन जुलूस में भक्तों की भागीदारी देखने को मिली। शोभायात्रा में पारंपरिक धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल रहीं। काली खप्पड़ नृत्य ने लोगों का ध्यान खींचा। इस पारंपरिक प्रस्तुति को देखने के लिए रास्ते में मौजूद लोग भी रुके।

ज्वारा विसर्जन नवरात्रि के दौरान बोए गए ज्वारों को विधि-विधान के साथ विसर्जित करने की परंपरा है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है। महानवमी के दिन मंदिरों में विशेष पूजा के बाद कई जगह ज्वारा विसर्जन जुलूस निकाले जाते हैं।

सिर पर ज्वारा कलश लेकर शामिल हुईं महिलाएं

शोभायात्रा में महिलाएं और युवतियां सिर पर ज्वारा कलश लेकर शामिल हुईं। उनकी भागीदारी ने आयोजन को धार्मिक और पारंपरिक रंग दिया। श्रद्धालु जुलूस के साथ आगे बढ़ते रहे और माता की आराधना करते नजर आए।

नवरात्रि के दौरान ज्वारा कलश को श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। महानवमी पर इसके विसर्जन के साथ नवरात्रि के विशेष अनुष्ठानों का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा होता है।

शहर के प्रमुख मार्गों से निकला जुलूस

मढ़िया माई मंदिर से निकली शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। जुलूस में धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संगम देखने को मिला। महानवमी पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने अनूपपुर में उत्सव का माहौल बना दिया।

देवी मंदिरों से निकले ज्वारा विसर्जन जुलूसों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने नवरात्रि की परंपराओं को निभाया। मढ़िया माई मंदिर की शोभायात्रा में काली खप्पड़ नृत्य और सिर पर ज्वारा कलश लेकर चलती महिलाओं की भागीदारी आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।

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