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नियमों की अनदेखी! एक पैथोलॉजिस्ट के नाम पर संचालित हो रहीं 5-6 लैब, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

नियमों की अनदेखी! एक पैथोलॉजिस्ट के नाम पर संचालित हो रहीं 5-6 लैब, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

जिले में पैथोलॉजी लैब संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। नियमों के अनुसार, कोई भी पैथोलॉजिस्ट अपनी स्वयं की लैब के अलावा विजिटिंग पैथोलॉजिस्ट के रूप में जिले की अधिकतम दो अन्य लैब में ही अपनी सेवाएं दे सकता है। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। आरोप है कि कई स्थानों पर एक ही पैथोलॉजिस्ट के नाम पर पांच से छह पैथोलॉजी लैब संचालित की जा रही हैं, जिससे नियमों के पालन और जांच रिपोर्टों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारों के मुताबिक, पैथोलॉजिस्ट की मौजूदगी और निगरानी किसी भी पैथोलॉजी लैब के संचालन के लिए अनिवार्य मानी जाती है। ऐसे में यदि एक ही विशेषज्ञ कई लैब से जुड़ा हुआ है, तो सभी जगह समय पर मौजूद रहना संभव नहीं है। इससे जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मरीजों को मिलने वाली रिपोर्ट की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।

नियमों का खुलेआम उल्लंघन

मौजूदा नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि एक पैथोलॉजिस्ट अपनी लैब के अलावा केवल दो अन्य लैब में विजिटिंग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक लैब में योग्य विशेषज्ञ की नियमित निगरानी बनी रहे। बावजूद इसके, कई निजी लैब इस नियम का उल्लंघन करते हुए एक ही पैथोलॉजिस्ट के नाम पर कई केंद्रों का संचालन कर रही हैं।

मरीजों की सुरक्षा पर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर ही मरीजों का इलाज तय होता है। यदि लैब में विशेषज्ञ की पर्याप्त निगरानी नहीं होगी, तो गलत या संदिग्ध रिपोर्ट आने का खतरा बढ़ सकता है। इसका सीधा असर मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए, तो इस तरह की अनियमितताओं पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है। हालांकि अभी तक संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

कार्रवाई की मांग

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और नागरिकों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली लैबों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक पैथोलॉजी लैब में निर्धारित मानकों का पालन हो, ताकि मरीजों को सही और विश्वसनीय जांच सेवाएं मिल सकें।

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