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 Gawalior केंद्र का राज्यों की बॉर्डर चौकियों को लेकर फरमान, RTO चौकियों की जरूरत नहीं

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मध्यप्रदेश डेस्क।।  देश में जीएसटी लागू होने के बाद से राज्यों के बॉर्डर पर स्थापित आरटीओ चौकियों की आवश्यकता नहीं रह गई है। कई में राज्य जीएसटी लागू होने के बाद चौकियां बंद हो गर्इं, लेकिन कुछ राज्यों में इन्हें अब भी यथावत रखा गया है। अब केंद्र सरकार ने एक बार फिर इन राज्यों को पत्र लिखा है कि यह चौकियां बंद की जाएं।

एक राज्य की सीमा जहां शुरू होती है और दूसरे राज्य की समाप्त हो रही है, ऐसी जगहों पर जांच चौकियां राज्यों की होती हैं। अब ऐसी चौकियों को हटाने का आदेश केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दिया गया है। मंत्रालय की ओर से राज्यों को लिखे पत्र में कहा गया है कि जुलाई 2017 में जीएसटी आने के बाद राज्यों की सीमाओं पर नियमित जांच चौकियों की कोई आवश्यकता नहीं है।  

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों से उनकी सीमाओं पर स्थित जांच चेक पोस्ट हटाने को कहा है क्योंकि वाहनों एवं चालकों से संबंधित आॅनलाइन डेटा वाहन और सारथी के जरिए मजबूत हो चुका है। मंत्रालय ने कहा है कि जीएसटी आने के बाद राज्यों की सीमाओं पर नियमित जांच चौकियों की कोई आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय की ओर से राज्यों को कहा गया है कि राज्यों की सीमाओं पर जांच चौकियां हटाने के संबंध में मौजूदा स्थिति की सूचना जल्द से जल्द दी जाए।  

मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इन्हें बंद करिए और मंत्रालय को इस बारे में सूचित करिए। ऐसे चेक पोस्ट से राज्यों में काफी राजस्व मिलता है। अब सबकुछ आॅनलाइन हो गया है और पहले कई जगहों पर यहां कर्मचारियों की तैनाती होती थी।

कई राज्यों में जीएसटी लागू होने के बाद ऐसी परिवहन चौकियों को समाप्त किया जा चुका है लेकिन महाराष्ट्र,पश्चिम बंगाल, बिहार, केरल, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गोवा, राजस्थान इन राज्यों में अब भी ऐसे चेक पोस्ट संचालित हो रहे हैं। एनएचआईए ने फरवरी 2021 में 100 फीसदी कैशलेस टोलिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। टोल नाकों पर फास्टैग की उपलब्धता कुल मिलाकर 96 प्रतिशत और इनमें कइयों में तो 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सभी टोल नाकों पर 100 मीटर की दूरी का पता लगाने के लिए पीले रंग से एक लकीर बनाने का आदेश दिया जा चुका है। यह कदम इसलिए भी उठाया गया है ताकि टोल प्लाजा आॅपरेटरों में जवाबदेही की भावना पैदा हो।

गौरतलब है कि इन चौकियों पर कई बार अवैध वसूली की शिकायतें आती रहती हैं। अक्सर ट्राइवर शिकायत करते हैं कि चौकी पर तैनात कर्मचारी बड़ी मात्रा में वसूली करते हैं। माना जा रहा है कि चौकियों को बंद करने के पीछे यह भी एक बड़ा कारण है।

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