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क्योटी जलप्रपात में पार्किंग बनी कचरा डंपिंग साइट, पर्यटकों के स्वागत से पहले दिख रहे कचरे के ढेर

क्योटी जलप्रपात में पार्किंग बनी कचरा डंपिंग साइट, पर्यटकों के स्वागत से पहले दिख रहे कचरे के ढेर

रीवा का प्रसिद्ध क्योटी जलप्रपात इन दिनों कचरे के अंबार से घिरा नजर आ रहा है। प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए पहचान रखने वाले इस जलप्रपात के प्रवेश द्वार से महज 50 मीटर की दूरी पर बनी पार्किंग में पर्यटकों के वाहनों की जगह कचरा डंप किया जा रहा है। पार्किंग में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं और कई ट्रक कचरा वहां खाली किया गया है। ऐसे में क्योटी जलप्रपात पहुंचने वाले पर्यटकों को शुरुआत में ही गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।

क्योटी जलप्रपात रीवा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। बारिश के मौसम में जलप्रपात का स्वरूप और भी आकर्षक हो जाता है। आसपास के क्षेत्रों के साथ दूसरे जिलों से भी लोग प्राकृतिक नजारा देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन इन दिनों प्रवेश द्वार के पास फैली गंदगी पर्यटन स्थल की खूबसूरती पर सवाल खड़े कर रही है।

पार्किंग में खड़े होने चाहिए थे वाहन, जमा है कचरा

जलप्रपात के प्रवेश द्वार से करीब 50 मीटर दूर पार्किंग बनाई गई है। इसका उद्देश्य पर्यटकों के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराना है, लेकिन वर्तमान में पार्किंग की स्थिति अलग ही नजर आ रही है। यहां कई ट्रक कचरा डंप किए जाने की बात सामने आई है।

पार्किंग के अलग-अलग हिस्सों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इससे वाहन खड़े करने के लिए उपलब्ध जगह भी प्रभावित हो रही है। पर्यटकों को अपने वाहन खड़े करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पर्यटकों पर पड़ रहा खराब असर

क्योटी जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता देखने आने वाले पर्यटकों के लिए प्रवेश के पास ही कचरे का दृश्य निराशाजनक है। लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थल को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए नियमित सफाई व्यवस्था जरूरी है।

पार्किंग में कचरा जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी पैदा हो सकती है। बारिश के मौसम में कचरा आसपास फैलने और पानी के साथ बहकर दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की आशंका रहती है। इससे पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

पर्यटन स्थल की छवि पर सवाल

क्योटी जलप्रपात रीवा की पहचान से जुड़े प्रमुख प्राकृतिक स्थलों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रवेश द्वार के आसपास साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि यदि पार्किंग स्थल को कचरा डंप करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है तो इससे पर्यटन स्थल की छवि खराब होगी। प्रशासन को इस मामले में तत्काल ध्यान देकर कचरे को हटाने और पार्किंग को व्यवस्थित कराने की जरूरत है।

सफाई और निगरानी की मांग

लोगों ने संबंधित विभाग से पार्किंग में जमा कचरे को जल्द हटाने की मांग की है। साथ ही यह सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई है कि भविष्य में पर्यटन स्थल के पास इस तरह कचरा डंप न किया जाए।

बारिश के मौसम में क्योटी जलप्रपात पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। ऐसे समय में यदि प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर कचरे के ढेर नजर आएंगे तो इसका सीधा असर पर्यटकों के अनुभव और क्षेत्र की पर्यटन छवि पर पड़ेगा। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि क्योटी जलप्रपात को गंदगी से कब राहत मिलती है।

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