भोपाल के न्यू मार्केट में 900 दुकानों के बीच सुलग रहीं भट्टियां, भीषण आग के बाद भी खतरा बरकरार
राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट में दुकानों के बीच चल रही भट्टियां और गर्म तेल में तले जा रहे भटूरे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां कपड़े, ज्वैलर्स और अन्य सामान की करीब 900 दुकानों के बीच खाद्य सामग्री बनाने का काम भी जारी है। चिंता की बात यह है कि 8 अक्टूबर को जिस छोले-भटूरे की दुकान में भीषण आग लगी थी, उससे महज 50 फीट की दूरी पर तीन अन्य दुकानें भी हैं, जहां भटूरे तले जा रहे हैं।
न्यू मार्केट शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में दुकानों के बीच जलती भट्टियां और गर्म तेल में पकवान बनाने की गतिविधियां आग लगने की आशंका को बढ़ा सकती हैं। खासकर कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामान की दुकानों के आसपास इस तरह की व्यवस्था चिंता का विषय है।
8 अक्टूबर को छोले-भटूरे की दुकान में लगी भीषण आग के बाद भी आसपास की दुकानों में इसी तरह काम जारी होने से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद यह जरूरी हो जाता है कि बाजार में आग से बचाव के उपायों की समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दुकानदार सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं।
न्यू मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में दुकानों के भीतर खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाली भट्टियों, गैस कनेक्शन और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच महत्वपूर्ण है।
अब सवाल यह है कि पिछली आग की घटना के बाद संबंधित जिम्मेदार एजेंसियां बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाती हैं। व्यापारियों और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।

