इंदौर में बिक चुके प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री से 60 लाख का लोन लिया, दंपती पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
मध्य प्रदेश के इंदौर में जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी कर 60 लाख रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने पहले ही बेचे जा चुके प्लॉट के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) में गिरवी रख दिए। इसके आधार पर कंपनी से 60 लाख रुपये का कर्ज हासिल किया गया। शिकायत और शुरुआती जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।
मामले में शिकायत सोलफुल निधि लिमिटेड के संचालक शरद कुमार पोरवाल ने की थी। कंपनी का कार्यालय इंदौर के प्रेस्टीज टॉवर स्थित इंदिरा कॉम्प्लेक्स, नौलखा में है। शिकायत के मुताबिक, हकीमुद्दीन सैफी और उसकी पत्नी फातिमा सैफी निवासी क्रिस्टल अपार्टमेंट, बिजलपुर ने कंपनी से 60 लाख रुपये का लोन लिया था। इसके बदले बिजलपुर स्थित प्लॉट नंबर 461, मस्किन-ए-सैफिया के दस्तावेज गिरवी रखे गए थे।
जमीन बेचने के बाद भी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायत में बताया गया कि संबंधित प्लॉट को हकीमुद्दीन सैफी ने 5 दिसंबर 2023 को हुसैना रस्सीवाला और जहरा रस्सीवाला को बेच दिया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में उसी जमीन से जुड़े फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर वित्तीय कंपनी के सामने पेश किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट को गिरवी रखकर 60 लाख रुपये का लोन लिया गया।
जब तय समय पर लोन की रकम वापस नहीं की गई तो कंपनी ने मामले की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान प्लॉट की बिक्री और गिरवी रखे गए दस्तावेजों को लेकर गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद कंपनी संचालक ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
पैसे मांगने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब कंपनी की ओर से दंपती से लोन की रकम वापस मांगी गई तो उन्होंने भुगतान करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि हकीमुद्दीन फोन बंद रखता था और केवल व्हाट्सएप के जरिए बातचीत करता था। वहीं, उसकी पत्नी फातिमा पर भी कंपनी के लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
अन्य बैंकों से भी लोन लेने की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि दंपती ने इसी तरह फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर चार से पांच अन्य बैंकों और निजी व्यक्तियों से भी कर्ज लिया हो सकता है। हालांकि, इन मामलों की विस्तृत जानकारी और पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
क्राइम ब्रांच ने हकीमुद्दीन सैफी और फातिमा सैफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 340 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जीवाड़े में दंपती के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं

