महिलाओं के आपत्तिजनक VIDEO बनाने वाले आरोपी पर पहली FIR, साध्वी का आरोप- रास्ता रोककर पकड़ा हाथ; दोस्ती के लिए कहा और दी धमकी
महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोपों से जुड़े मामले में पुलिस ने पहली FIR दर्ज की है। शिकायत एक साध्वी की ओर से की गई है। साध्वी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उनका रास्ता रोककर हाथ पकड़ा और उनसे दोस्ती करने के लिए कहा। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
साध्वी ने पुलिस को बताई पूरी घटना
शिकायत के मुताबिक, साध्वी किसी काम से जा रही थीं। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि आरोपी ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें रोकने की कोशिश की और दोस्ती करने के लिए कहा।
साध्वी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें धमकाया। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद साध्वी ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
महिलाओं के वीडियो बनाने का भी आरोप
मामला उस समय चर्चा में आया जब आरोपी पर महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप सामने आए। आरोप है कि वह महिलाओं की जानकारी के बिना उनके वीडियो रिकॉर्ड करता था। इसी मामले में अब पहली बार किसी महिला की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की है।
पुलिस शिकायत और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कितनी महिलाओं के वीडियो बनाए और इन वीडियो का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
धमकी देने के आरोप की भी जांच
साध्वी ने शिकायत में आरोपी पर रास्ता रोकने, हाथ पकड़ने और दोस्ती के लिए दबाव बनाने के साथ जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस इन सभी आरोपों की जांच कर रही है।
मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ उपलब्ध साक्ष्यों और डिजिटल सामग्री की भी जांच कर सकती है। यदि वीडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सामने आते हैं तो उनकी भी पड़ताल की जाएगी।
FIR के बाद बढ़ सकती है जांच का दायरा
पहली FIR दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि आरोपी के खिलाफ पहले किसी महिला ने शिकायत की थी या नहीं और क्या अन्य पीड़ित महिलाएं भी सामने आती हैं।
फिलहाल साध्वी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है।

